अमेरिका में इंटरनेशनल छात्रों के लिए नया नियम: 4 साल में खत्म होगा वीज़ा स्टेटस
अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए नई चुनौतियाँ
नई दिल्ली: अमेरिका में अध्ययन कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक नई समस्या उत्पन्न हो सकती है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने "ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस" प्रणाली को समाप्त करते हुए एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत छात्रों को अधिकतम 4 वर्षों तक अमेरिका में रहने की अनुमति होगी। इसका सबसे अधिक प्रभाव 3.3 लाख से अधिक भारतीय छात्रों पर पड़ेगा।
नए नियम का विवरण
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए नियम के तहत F-1 वीज़ा धारक छात्रों को अब सामान्यतः केवल 4 वर्षों तक अमेरिका में रहने की अनुमति दी जाएगी। यदि किसी छात्र का डिग्री या शोध कार्यक्रम 4 वर्षों से अधिक है, तो उसे निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले DHS से एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा। यह नियम J-1 एक्सचेंज विजिटर्स और I वीज़ा धारक विदेशी पत्रकारों पर भी लागू होगा।
इस नियम को लागू करने से पहले इसे कांग्रेस द्वारा समीक्षा की जाएगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य वीज़ा प्रणाली की निगरानी को बेहतर बनाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। हालांकि, विश्वविद्यालयों का मानना है कि इससे हजारों छात्रों के लिए अनिश्चितता बढ़ जाएगी।
ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस प्रणाली का अंत
पिछले कई दशकों से F-1 छात्रों को "ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस" के तहत रखा जाता था, जिसमें कोई निश्चित समाप्ति तिथि नहीं होती थी। जब तक छात्र पूर्णकालिक अध्ययन कर रहा था और नियमों का पालन कर रहा था, तब तक वह अमेरिका में रह सकता था। अब, 4 वर्षों के बाद, छात्रों को DHS में आवेदन करके अपने स्टेटस को बढ़वाना होगा। यदि एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वे तुरंत अवैध हो सकते हैं।
भारतीय छात्रों पर प्रभाव
'ओपन डोर्स 2024' रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में 3,31,000 से अधिक भारतीय छात्र अमेरिका में अध्ययन कर रहे थे, जो कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों का लगभग 30% है। समस्या यह है कि कई भारतीय छात्र पीएचडी, मेडिकल, और इंजीनियरिंग जैसे 4 वर्षों से अधिक के पाठ्यक्रम कर रहे हैं। नए नियम के तहत उन्हें बीच में एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा, और प्रक्रिया में देरी या कागजी गलतियों के कारण उनका स्टेटस खतरे में पड़ सकता है।
यदि एक्सटेंशन नहीं मिलता तो क्या होगा?
यह सबसे बड़ी चिंता का विषय है। पहले, स्टेटस बना रहता था, लेकिन अब यदि 4 वर्षों के भीतर एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो छात्र अवैध माने जाएंगे। DHS ने कहा है कि यह बदलाव निगरानी के लिए आवश्यक है। पिछले वर्ष भी एजेंसी ने "स्टूडेंट क्रिमिनल एलियन इनिशिएटिव" के तहत हजारों छात्रों का स्टेटस रद्द किया था। फिलहाल, यह नियम तुरंत लागू नहीं होगा और कांग्रेस की मंजूरी के बाद ही इसकी तारीख तय की जाएगी। तब तक पुराना सिस्टम जारी रहेगा।
