अमेरिका में ईरान के खतरे को लेकर सुरक्षा चिंताएँ बढ़ीं
ईरान के संभावित हमलों के प्रति अमेरिका की सतर्कता
अमेरिका में ईरान के खतरे को लेकर चिंताएँ फिर से उभर रही हैं, खासकर उन शहरों की सुरक्षा को लेकर जिन्हें संभावित हमले के लिए संवेदनशील माना जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक जनसभा में स्पष्ट किया कि ईरान लॉस एंजेलेस और सैन डिएगो जैसे शहरों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन शहरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है और इसके लिए अतिरिक्त बजट भी आवंटित किया जा रहा है। यह स्थिति केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है। ईरान की चेतावनियों के बीच, अमेरिकी प्रशासन सुरक्षा उपायों को लेकर अत्यंत सतर्क है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को अपनी कोशिशें करने दीजिए, अमेरिका अपनी सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है।
ईरान की धमकियों के बीच सुरक्षा तैयारियों में वृद्धि
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिकी शहरों पर हमले की धमकी दी है। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को लेकर चर्चाएँ तेज कर दी हैं। अमेरिका ने ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने बी-2 बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया है, क्योंकि ईरान ने इस एयरबेस पर ड्रोन हमले की चेतावनी दी थी। इस स्थिति के मद्देनजर, अमेरिका ने 'हाई-रिस्क' क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए बजट बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसमें 13 प्रमुख शहर शामिल हैं, जैसे वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क, शिकागो, और लॉस एंजेलेस।
ईरान से उत्पन्न खतरे का गंभीरता से लेना
हालांकि, वर्तमान चिंता का एक और पहलू है, जो ईरान से उत्पन्न खतरे से संबंधित है। कुछ महीने पहले ईरान ने ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस पर हमले की धमकी दी थी। हाल ही में यह भी पता चला है कि ईरान से जुड़े पांच व्यक्तियों को इस बेस के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमले की योजना बना रहा था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह निर्णय ईरानी धमकियों के संदर्भ में लिया गया है। अमेरिका को यह भी चिंता है कि ईरान किसी भी प्रकार का छद्म हमला कर सकता है। इस प्रकार, एक ओर ईरान की धमकियाँ हैं, और दूसरी ओर अमेरिका अपनी सुरक्षा तैयारियों को तेजी से मजबूत कर रहा है।
