अमेरिका में पानी की सप्लाई पर साइबर हमलों की लहर: क्या ईरान है जिम्मेदार?
साइबर हमलों की श्रृंखला
नई दिल्ली: हाल ही में अमेरिका में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक हफ्ते में 7 महत्वपूर्ण साइबर हमले हुए हैं। इन हमलों का लक्ष्य पानी की आपूर्ति से जुड़े संयंत्र और पाइपलाइन रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का नाम लेने से परहेज किया है, जिससे अमेरिकी राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
हमलों का विवरण
ये साइबर हमले अमेरिका के महत्वपूर्ण जल अवसंरचना पर हुए हैं। पहली सूचना मिनेसोटा से आई, जहां 26 और 27 जुलाई के बीच 30 से अधिक सामुदायिक जल प्रणालियों को हैकर्स ने निशाना बनाया। इसके बाद, एक हफ्ते के भीतर 7 से अधिक राज्यों की जल और अपशिष्ट जल सुविधाएं प्रभावित हुईं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई स्थानों पर स्वचालित प्रणाली को बंद कर कर्मचारियों को मैन्युअल रूप से पानी की आपूर्ति संभालनी पड़ी। यदि समय पर नियंत्रण नहीं किया जाता, तो कई शहरों में पीने का पानी ठप हो सकता था। एफबीआई, सीआईएसए और ईपीए जैसी प्रमुख एजेंसियां तुरंत जांच में जुट गई हैं।
हमले की तकनीक
PLCs को बनाया निशाना
मिनेसोटा आईटी सेवाओं की प्रवक्ता एमिली जिमर के अनुसार, हमले की विधि पहले हुए महत्वपूर्ण अवसंरचना हमलों के समान है। हैकर्स ने जल संयंत्रों में लगे 'प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर्स' (PLCs) को हैक किया, जो पानी का दबाव, रासायनिक मात्रा और बड़े पंपों को संचालित करते हैं।
सरकारी मेमो में कहा गया है कि हैकर्स का उद्देश्य पानी का दबाव कम करके आपूर्ति को दूषित करना था। आश्चर्य की बात यह है कि इसके लिए कोई अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग नहीं किया गया। हैकर्स ने केवल उन सिस्टम्स को लक्षित किया जो सीधे इंटरनेट से जुड़े थे और जिनके पासवर्ड कमजोर थे।
मिनेसोटा के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी जॉन इजराइल ने चेतावनी दी है कि "हैकर्स पूरे देश के अवसंरचना का स्कैन कर रहे हैं। जहां सुरक्षा में कमी मिलती है, वहीं वे घुसपैठ कर रहे हैं।"
ट्रंप का रुख
ट्रंप ने ईरान पर क्यों नहीं बोला?
जांच एजेंसियां इन हमलों के पैटर्न को ईरान के पूर्व साइबर हमलों से जोड़ रही हैं। लेकिन कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने एक अलग दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा, "लोग कह रहे हैं कि मिनेसोटा के 30 जल संयंत्रों पर ईरान ने हमला किया। मुझे ऐसा नहीं लगता। इसके लिए मिनेसोटा का असफल प्रशासन और भ्रष्ट गवर्नर जिम्मेदार हैं। ईरान के पास मिनेसोटा के बारे में सोचने से बड़े मुद्दे हैं।"
ट्रंप के इस बयान पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ट्रंप को हमलावर के बारे में पता है, लेकिन वे सच्चाई से भाग रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि हमले के पीछे कौन है, लेकिन यह निश्चित है कि अमेरिका के जल जैसे बुनियादी ढांचे की साइबर सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठ गए हैं।
