अमेरिका में भारतीय पेशेवरों पर बढ़ती पाबंदियों का खतरा
भारतीय पेशेवरों के खिलाफ बयानबाजी पर चिंता
ह्यूस्टन, 1 नवंबर: अमेरिका में चुनावों से पहले भारतीय समुदाय के खिलाफ बढ़ती बयानबाजी और आव्रजन पर प्रस्तावित पाबंदियों को लेकर गैर-लाभकारी संगठन इंडियास्पोरा ने चेतावनी दी है कि एच-1बी वीजा धारकों को निशाना बनाना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। संगठन ने 30 अक्टूबर को एक बयान जारी कर भारतीय मूल के पेशेवरों को लक्षित करने वाले राजनीतिक प्रयासों पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि भारतीय पेशेवर स्वास्थ्य, तकनीकी और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।
इंडियास्पोरा के कार्यकारी निदेशक संजीव जोशीपुरा ने कहा कि भारत के एच-1बी कर्मचारी अमेरिका को नवाचार में अग्रणी बनाने में सहायक रहे हैं और उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अरबों डॉलर का योगदान दिया है। यदि उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक के समुदायों को प्रभावित करेंगे।
इस संगठन ने प्रस्तावित नियामकीय उपायों पर भी चिंता जताई है, जिसमें उच्च तकनीक और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए एक लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का याचिका शुल्क लगाने, एच-1बी वीजा के लिए मौजूदा लॉटरी प्रणाली को समाप्त कर वेतन आधारित चयन प्रणाली लागू करने और नौकरी गंवाने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए 60 दिन की रियायत अवधि समाप्त करने के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, एच-4 वीजाधारक कर्मचारियों के जीवनसाथियों को रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज (ईएडी) पर रोक लगाने के प्रस्तावों के साथ-साथ वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (ओपीटी) और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (एसटीईएम) से संबंधित कार्य अनुमति की अवधि बढ़ाने पर 70,000 अमेरिकी डॉलर तक शुल्क लगाने के प्रस्तावों पर भी चिंता जताई गई है।
इंडियास्पोरा ने कहा कि विदेशी पेशेवर, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सक और शिक्षक, अमेरिका के उन क्षेत्रों में कार्यबल की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहां घरेलू स्तर पर पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। इनमें मिसिसिपी डेल्टा जैसे संसाधनों की कमी वाले क्षेत्र भी शामिल हैं। संगठन ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से भारतीयों के खिलाफ बयानबाजी का विरोध करने की अपील की है।
इंडियास्पोरा ने चेतावनी दी है कि अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए विदेशी प्रतिभाओं को बलि का बकरा बनाना अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है और भारत-अमेरिका के रणनीतिक द्विपक्षीय संबंधों को भी कमजोर कर सकता है।
