अमेरिका में भारतीय समुदाय पर ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई से उठे विवाद के सवाल
ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई और विवाद
अमेरिका में अवैध प्रवासियों और गैर-नागरिक कमर्शियल ड्राइवरों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई ने एक गंभीर विवाद को जन्म दिया है, जिसने अमेरिकी सत्ता की नस्लीय सोच और भारतीय-अमेरिकियों के प्रति उसके दृष्टिकोण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने एक AI-निर्मित पोस्टर में 'Mr Singh' को निशाना बनाकर एक भारतीय उपनाम को अपराध और असुरक्षित ड्राइविंग से जोड़ने का प्रयास किया, जिससे अमेरिका में बसे लाखों भारतीयों और विशेषकर सिख समुदाय में गहरी नाराजगी उत्पन्न हुई।
DHS की सफाई और विवाद का विस्तार
हालांकि, 10 सितंबर 2026 को विवाद बढ़ने के बाद DHS ने उस पोस्टर को हटा दिया। पोस्टर में Transformers शैली के एक विशाल DHS रोबोट के सामने सिर ढके और दाढ़ी वाले भूरे रंग के व्यक्ति को दिखाया गया था, जिसके ऊपर लिखा था— 'America for Americans. Get off our roads, you don't know how to drive, Mr Singh.' इसमें 'self-deportation' का संदेश भी शामिल था। सवाल यह है कि यदि निशाना केवल एक आरोपी ट्रक ड्राइवर था, तो 'Mr Singh' जैसे पूरे समुदाय से जुड़े उपनाम को क्यों चुना गया?
हरजिंदर सिंह का मामला
DHS ने आलोचना के बाद स्पष्ट किया कि पोस्टर में दिखाया गया व्यक्ति कोई काल्पनिक विदेशी नहीं, बल्कि भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह का प्रतिनिधित्व करता था। हरजिंदर सिंह पर 2025 में फ्लोरिडा टर्नपाइक पर अवैध यू-टर्न लेने के बाद हुई दुर्घटना में तीन लोगों की मौत के मामले में आरोप लगाए गए थे। ट्रंप प्रशासन ने इसी घटना को विदेशी मूल के कमर्शियल ड्राइवरों पर कार्रवाई के अपने अभियान का प्रमुख उदाहरण बताया।
सुरक्षा के सवाल और सांस्कृतिक प्रभाव
सुरक्षा पर सवाल उठाना उचित है, लेकिन किसी ड्राइवर की गलती को उसके नाम, त्वचा के रंग, पगड़ी या इमिग्रेशन स्थिति से जोड़ना एक अलग बात है। DHS का प्रचार इसी बिंदु पर सवालों के घेरे में आता है। आंकड़े DHS के पोस्टर की कहानी का समर्थन नहीं करते। California DMV के 2022-24 के विश्लेषण में temporary legal residents के CDL धारकों के लिए 100 लाइसेंसधारकों पर 11.9 police-reported crashes दर्ज हुए, जबकि अमेरिकी नागरिक CDL धारकों के लिए यह संख्या 14.8 थी।
आंकड़ों का विश्लेषण
हालांकि, इन आंकड़ों को इस निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जा सकता कि immigrant drivers स्वाभाविक रूप से अधिक सुरक्षित होते हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि 'विदेशी ड्राइवर ज्यादा खतरनाक हैं' जैसी धारणा आंकड़ों से साबित नहीं होती। इसके अलावा, संघीय स्तर पर भी immigration status के आधार पर crash rates की कोई साफ राष्ट्रीय तुलना उपलब्ध नहीं है।
सिख समुदाय की प्रतिक्रिया
Sikh Coalition और Hindu American Foundation जैसे संगठनों ने DHS की कार्रवाई को महज एक राजनीतिक विज्ञापन नहीं माना। Hindu American Foundation ने सवाल उठाया कि Singh हिंदू, सिख, अमेरिकी, ड्राइवर और कारोबारी हैं। FBI के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 177 anti-Sikh hate-crime incidents रिपोर्ट हुए। अमेरिका के इतिहास में सिख समुदाय के खिलाफ गलत पहचान की कीमत चुकानी पड़ी है।
अमेरिकी विविधता और पहचान
अगर 'America for Americans' का अर्थ यह है कि भारतीय मूल के अमेरिकी, सिख, हिंदू, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी, शिक्षक, ट्रक ड्राइवर और कारोबारी अमेरिकी नहीं हैं, तो यह अमेरिका की विकास गाथा को झुठलाता है। भारतीय-अमेरिकियों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा, शिक्षा, उद्यमिता और परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
निष्कर्ष
अवैध इमिग्रेशन रोकने के लिए कानून लागू करना आवश्यक है, लेकिन किसी पूरे समुदाय के नाम, चेहरे और पहचान को अपराध का प्रतीक नहीं बनाना चाहिए। California के डेमोक्रेट गवर्नर Gavin Newsom ने इसे 'racist propaganda' बताया। कांग्रेस सदस्य Raja Krishnamoorthi और अन्य नेताओं ने भी विरोध किया। DHS ने आरोपों को 'सबसे आलसी झूठ' करार दिया।
