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अमेरिका में 'मिस्टर सिंह' विज्ञापन पर विवाद, अधिकार समूहों ने किया विरोध

अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग द्वारा जारी 'मिस्टर सिंह' विज्ञापन ने विवाद खड़ा कर दिया है। अधिकार समूहों ने इसे नस्लवादी और अमेरिका-विरोधी बताया है। विज्ञापन में भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति को देश छोड़ने के लिए कहा गया है, जिससे कई संगठनों ने कड़ी आलोचना की है। 'ट्रांसफॉर्मर्स' फिल्म के पात्रों का उपयोग करते हुए, गृह सुरक्षा विभाग ने अपने अभियान के तहत यह संदेश दिया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
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विज्ञापन में नस्लीय टिप्पणियों का आरोप

अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग द्वारा जारी एक विज्ञापन ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें 'मिस्टर सिंह' को देश छोड़ने के लिए कहा गया है। इस विज्ञापन को अधिकार समूहों ने 'नस्लवादी' और 'अमेरिका-विरोधी' करार दिया है। गृह सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस वाले वाणिज्यिक चालकों के खिलाफ अपने अभियान के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से निर्मित तस्वीरों का उपयोग किया है, जिसमें एक भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति को दिखाते हुए लिखा गया है, 'हमारी सड़कों से दफा हो जाओ, 'मिस्टर सिंह' आपको वाहन चलाना नहीं आता।'


एक अन्य वीडियो में 'ट्रांसफॉर्मर्स' फिल्म के खलनायक 'मेगाट्रॉन' को 'एलियंस' की रिहाई के लिए बातचीत करते हुए दिखाया गया है। अमेरिकी प्रशासन विदेशी नागरिकों के लिए 'एलियंस' शब्द का उपयोग करता है। इस वीडियो में 'मेगाट्रॉन' सड़क दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों में शामिल ट्रक चालकों की रिहाई की मांग करता नजर आ रहा है।


गृह सुरक्षा विभाग ने एक पोस्ट में कहा, 'अगर आप इस देश में शत्रुतापूर्ण इरादे से कदम रखते हैं, तो यह जान लें कि हम अपनी रक्षा करेंगे। हम अमेरिकी मूल्यों की रक्षा करेंगे।'


एक अन्य पोस्ट में 'ट्रांसफॉर्मर्स' के नायक 'ऑप्टिमस प्राइम' को गृह सुरक्षा विभाग का पहचान-चिह्न पहने हुए दिखाया गया है। वह भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति से कहता है, 'खुद देश छोड़कर चले जाओ, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।'


इस विज्ञापन में 'मिस्टर सिंह' के संदर्भ की 'हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' (एचएएफ) और 'सिख कोएलिशन' जैसे प्रमुख अधिकार समूहों ने कड़ी आलोचना की है। एचएएफ ने 'एक्स' पर कहा, 'सिंह हिंदू हैं, वे सिख हैं, वे अमेरिकी हैं और वे गाड़ी चलाते हैं।'


एचएएफ ने सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत के. ढिल्लों और एफबीआई निदेशक काश पटेल को संबोधित करते हुए कहा, 'यह एक संघीय एजेंसी की ओर से की गई भेदभावपूर्ण पोस्ट है। हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच की जाए।'


सिख कोएलिशन ने कहा, '9/11 के 25 साल बाद भी, सिखों को उनके पहनावे और रूप-रंग के कारण निशाना बनाया जा रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में रहने वाले लाखों सिखों का उपनाम 'सिंह' है, जिसका अर्थ शेर होता है।


यह विवाद उस समय सामने आया है जब गृह सुरक्षा विभाग अपने 'सीबीपी होम' कार्यक्रम के प्रचार में जुटा है, जिसके तहत प्रवासी स्वेच्छा से अमेरिका से जाने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।