अमेरिका में मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच बढ़ता विवाद: क्या है मामला?
मीडिया और सरकार के बीच टकराव
नई दिल्ली: अमेरिका में मीडिया और सरकारी अधिकारियों के बीच टकराव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। व्हाइट हाउस ने CNN, MS NOW और Politico को अपने परिसर में प्रवेश से रोकने के बाद, प्रमुख टीवी नेटवर्कों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रमों का साझा प्रसारण निलंबित कर दिया है। व्हाइट हाउस का आरोप है कि इन चैनलों ने गलत जानकारी प्रसारित की थी, जिसके चलते राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो प्रसारण में कमी आई है।
टीवी पूल सिस्टम का कार्यप्रणाली
यह निर्णय सोमवार को लिया गया, जब CNN को व्हाइट हाउस टेलीविजन पूल के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने से रोका गया। इसके बाद, फॉक्स न्यूज, एबीसी न्यूज, सीबीएस न्यूज, सीएनएन और एनबीसी न्यूज ने मिलकर यह स्पष्ट किया कि वे अब रोटेशन के आधार पर कवरेज उपलब्ध नहीं कराएंगे। इन नेटवर्कों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि जनता को अपनी सरकार के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है, और किसी भी सरकार को मीडिया पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए।
टीवी पूल सिस्टम कैसे कार्य करता है
अमेरिका के प्रमुख टीवी नेटवर्क पारंपरिक रूप से राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की कवरेज साझा करते हैं। ये नेटवर्क बारी-बारी से अपने कैमरा क्रू को कार्यक्रमों में भेजते हैं और वहां से मिली फुटेज अन्य प्रसारकों के साथ साझा करते हैं। व्हाइट हाउस टेलीविजन पूल का गठन इसी उद्देश्य से किया गया था ताकि सभी प्रसारकों को राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की वीडियो फुटेज मिल सके।
न्यूयॉर्क यात्रा का विवाद
सोमवार को CNN को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप की न्यूयॉर्क यात्रा की कवरेज करनी थी, लेकिन व्हाइट हाउस के प्रतिबंध के कारण यह संभव नहीं हो सका। रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस ने इसके स्थान पर वाशिंगटन में हर्स्ट नामक कंपनी को दूसरी टीवी क्रू के रूप में नियुक्त किया।
कवरेज पूरी तरह से बंद नहीं हुई
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि टीवी नेटवर्कों ने ट्रंप प्रशासन की कवरेज पूरी तरह से रोक दी है। वे केवल पूल व्यवस्था के तहत साझा फीड उपलब्ध नहीं कराएंगे, जबकि अन्य पत्रकार और मीडिया संस्थान अपनी रिपोर्टिंग जारी रख सकते हैं।
मुकदमा दायर करने की कार्रवाई
दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन यह निलंबन हुआ, उसी दिन CNN, MS NOW और Politico ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया। इन संस्थानों ने वाशिंगटन डीसी की एक संघीय अदालत में अस्थायी रोक आदेश की मांग की, यह कहते हुए कि यह प्रतिबंध उनके भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
ट्रंप का बचाव
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस प्रतिबंध की घोषणा करते हुए तीनों मीडिया आउटलेट्स पर झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला नहीं है, बल्कि यह फर्जी खबरों के खिलाफ है जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा है।
