अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश पर भारत की चिंता
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को इलिनोइस के ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर को लक्षित कर बड़े पैमाने पर गोलीबारी की योजना के बारे में चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा कि यह घटना अमेरिका में "नस्लीय शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत" के बढ़ते मामलों को दर्शाती है। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लीय स्वरूप, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात भी शामिल है, अत्यंत चिंताजनक है।
अमेरिकी अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
जायसवाल ने कहा, "इलिनोइस के ऑरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश की खबरें हमें बहुत चिंतित करती हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया है, जिसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी और उस पर आरोप शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना ने अमेरिका में नस्लीय शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत के प्रति बढ़ती चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
जांच और गिरफ्तारी की जानकारी
पैलेटाइन पुलिस विभाग के अनुसार, जांच की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई, जब माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस ने संभावित 'मास शूटिंग' के बारे में जानकारी साझा की। यह जानकारी एक व्यक्ति से मिली, जिसने पैपोराकिस की ओर से चिंताजनक इलेक्ट्रॉनिक संदेश प्राप्त किए थे। संदिग्ध ने एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें एक हिंदू मंदिर में 'मास शूटिंग' करने की योजना का विवरण था। इसके साथ ही, उसने राइफल, राइफल मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी भेजी थीं। पैपोराकिस को उसके घर से निकलते समय हिरासत में लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने उसके घर की तलाशी लेने पर एक राइफल, कई भरी हुई राइफल मैगजीन, सैकड़ों अतिरिक्त कारतूस, सामरिक उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की। बरामद की गई वस्तुओं में एक 'टैक्टिकल वेस्ट' भी शामिल थी, जिसमें बॉडी आर्मर लगा था और उस पर 'श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ' से जुड़े प्रतीक चिन्ह थे।
