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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर तीखा तंज, खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच बढ़ी सुरक्षा

ईरान में अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर शोक का माहौल है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संवेदनशील समय में तेहरान पर तीखा कटाक्ष किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान अपनी शर्तों से मुकरता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा। तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें लाखों लोग शामिल होने की उम्मीद है।
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ईरान में शोक का माहौल


नई दिल्ली: ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक का माहौल है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संवेदनशील समय में तेहरान पर तीखा कटाक्ष किया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर माउंट रशमोर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि 'अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी है क्योंकि हम अच्छे लोग हैं।' यह बयान तब आया जब खामेनेई को भारी सुरक्षा के बीच अंतिम विदाई दी जा रही थी।


ट्रंप की चेतावनी

अपने समर्थकों के बीच ट्रंप ने आक्रामक अंदाज में कहा कि ईरान अब दबाव में है। उन्होंने कहा, 'हमने ईरान को बुरी तरह से पिटाई की है। वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। लेकिन हम अच्छे लोग हैं, इसलिए हमने उन्हें एक हफ्ते का समय दिया है।' ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान अपनी शर्तों से मुकरता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई करेगा।


खामेनेई का अंतिम संस्कार

तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शुक्रवार से ही विभिन्न देशों के प्रतिनिधि और राजनयिक अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, और ईरानी अधिकारियों ने प्रमुख सड़कों और हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। सरकार को उम्मीद है कि इस जनाजे में लाखों लोग शामिल होंगे, जो 1989 में अयातुल्ला खोमेनी के अंतिम संस्कार की याद दिलाएगा।


जनसैलाब का उमड़ना

शनिवार सुबह से ही लाखों लोग काले कपड़े पहनकर तेहरान की सड़कों पर 'ग्रैंड मोसाला' की ओर बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। सुरक्षा कारणों से गाड़ियों की आवाजाही पर रोक है। लोगों के हाथों में खामेनेई के बड़े पोस्टर हैं। 'ग्रैंड मोसाला' के बाहर शिया समुदाय के लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं। 27 वर्षीय हनानाह मौसावी ने कहा, 'मैं यहां अपने प्यारे नेता को अंतिम विदाई देने आई हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा काला दिन देखना पड़ेगा।'