अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला: FIR दर्ज
चढ़ावे की चोरी की शिकायत पर FIR
नई दिल्ली - अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी और अन्य अनियमितताओं के संदर्भ में पहली बार एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने CCTV फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आठ नामित आरोपियों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान प्राप्त CCTV फुटेज में कुछ व्यक्तियों को चढ़ावे की राशि से चोरी करते हुए देखा गया। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है। यह मामला ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
एफआईआर में टिन्नू यादव, लव और अनुकल्प मिश्रा सहित आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि, इस FIR में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम शामिल नहीं है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले, चढ़ावे की राशि में गड़बड़ियों और गबन के आरोपों के बाद, राज्य सरकार ने 13 जून को एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। जांच टीम ने कई दिनों तक मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और मंदिर प्रशासन, सुरक्षा कर्मियों, ट्रस्ट से जुड़े व्यक्तियों सहित 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की।
SIT ने चढ़ावे की गिनती, नकदी के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और पूरी प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया और अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।
जांच के बाद, मंदिर प्रशासन ने दान राशि की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब कैश काउंटिंग में नए बैंक कर्मचारियों को शामिल किया गया है। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं और एक अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है।
इसके अलावा, काउंटिंग रूम में प्रवेश और बाहर निकलने वाले कर्मचारियों की सख्त तलाशी अनिवार्य कर दी गई है। बैंक में नकदी जमा कराने की प्रक्रिया में भी क्रॉस वेरिफिकेशन और सभी संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।
फिलहाल, पुलिस और SIT दोनों स्तरों पर मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
