इजरायल की बमबारी से बढ़ा तनाव, ईरान की प्रतिक्रिया
इजरायल की बमबारी और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते से पहले, इजरायल ने लेबनान के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार बमबारी की। एक सप्ताह पहले भी इसी क्षेत्र में इजरायल ने हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायल पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया था। इजरायल की सेना ने तेहरान पर भी हमला किया, जिससे तनाव और बढ़ गया। अमेरिका के मध्यस्थता से दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले रोकने का निर्णय लिया था।
हिजबुल्लाह का गढ़ दहिया पर हमला
दहिया, जो हिजबुल्लाह का मुख्य क्षेत्र है, पिछले हफ्ते हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर रॉकेट हमले के बाद इजरायल ने फिर से हवाई हमले किए। लेबनान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई और चार अन्य घायल हुए। वीडियो में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होते हुए दिखाया गया है।
इजरायल का आधिकारिक बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक संयुक्त बयान में कहा कि हिजबुल्लाह की गोलीबारी के जवाब में, इजरायल ने दहिया में हिजबुल्लाह के आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया।
इजरायली सेना का आरोप
इजरायल की सेना ने एक वीडियो साझा किया जिसमें हिजबुल्लाह पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल की बस्तियों की ओर तीन प्रोजेक्टाइल दागे, जो शोमेरा और श्लोमी बस्तियों के पास गिरे। इसके अलावा, वीकेंड पर भी दो प्रोजेक्टाइल इजरायली क्षेत्र में आए थे।
सटीक हमले का दावा
इजरायली सेना ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि उन्होंने दहिया में हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर सटीक हमला किया है। यह हमला पहले भी किया गया था।
आतंकवादी गतिविधियों का आरोप
इजरायली सेना ने कहा कि हिजबुल्लाह का यह हेडक्वार्टर इजरायली नागरिकों और दक्षिणी लेबनान में काम कर रही आईडीएफ सेनाओं के खिलाफ आतंकवादी साजिशों में इस्तेमाल किया जा रहा था।
बातचीत पर प्रभाव
इजरायल ने एक पांच मंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग को निशाना बनाया, जिसमें दूसरी और तीसरी मंजिल को अधिक नुकसान पहुंचा। इस हमले से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत प्रभावित हो सकती है। ईरान चाहता है कि लेबनान को भी सीजफायर में शामिल किया जाए, लेकिन इजरायल इसके खिलाफ है। विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल के हालिया हमले से ईरान बातचीत से पीछे हट सकता है।
