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इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर उठे गंभीर सवाल, हमले के समय की गतिविधियों में देरी

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गतिविधियों पर हमास के हमले के दौरान गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू को हमले की पहली सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई में देरी हुई। उनके कार्यालय और सुरक्षा एजेंसी के रिकॉर्ड में भी विरोधाभास है। इस स्थिति ने निष्पक्ष जांच आयोग की मांग को फिर से जन्म दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और नेतन्याहू की प्रतिक्रिया।
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हमास हमले के बाद नेतन्याहू की गतिविधियों पर सवाल


नई दिल्ली: इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनावों से पहले, 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए आतंकवादी हमले के संदर्भ में एक नई रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपने निजी आवास से तेल अवीव में सैन्य मुख्यालय 'किर्या' पहुंचने में दो घंटे से अधिक का समय लगा। चार साल के संसदीय कार्यकाल के बाद हो रहे इन चुनावों में सुरक्षा और नेतृत्व की तत्परता का मुद्दा प्रमुखता से उभरा है। इजरायली मीडिया ने हमले के प्रारंभिक घंटों में नेतन्याहू की गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।


नेतन्याहू की गतिविधियों पर उठे सवाल

इजरायली मीडिया की रिपोर्टों ने हमास हमले के पहले घंटों में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जब गाजा सीमा के निकट इजरायली बस्तियों पर आतंकवादी हमले कर रहे थे, उस समय प्रशासनिक निर्णय लेने में देरी हुई। नेतन्याहू के कार्यालय द्वारा जारी 7 अक्टूबर के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उन्हें सुबह 6:29 बजे हमले का पहला अलर्ट मिला था, लेकिन वे सुबह 7:30 बजे तक अपने घर से बाहर नहीं निकले।


पीएमओ और शिन बेट के रिकॉर्ड में विरोधाभास

प्रधानमंत्री कार्यालय का दावा है कि नेतन्याहू सुबह 8:00 बजे किर्या मुख्यालय पहुंचे, जबकि आंतरिक सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' के रिकॉर्ड के अनुसार उनका पहुंचने का समय सुबह 8:22 बजे था। चैनल 12 ने नेतन्याहू की डायरी के अप्रकाशित विवरणों के आधार पर यह भी कहा कि वे सुबह 9:00 बजे से पहले मुख्यालय नहीं पहुंचे। यदि यह सच है, तो इसका मतलब है कि उन्हें पहली सूचना मिलने के दो घंटे बाद तक अपने घर से निकलने में देरी हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस देरी का कारण सुरक्षा काफिले की तैयारियों को बताया है।


सुरक्षा प्रमुखों से संपर्क और पूर्व रक्षा मंत्री की तुलना

रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि सैन्य सचिव द्वारा जगाए जाने के बाद नेतन्याहू ने किर्या पहुंचने तक किसी भी सुरक्षा प्रमुख से संपर्क नहीं किया। यह उनके उस बयान के विपरीत है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि रात में संकेत मिलते तो वे तुरंत सेना को सक्रिय कर देते। रिकॉर्ड के अनुसार, किर्या में उनकी पहली समीक्षा बैठक सुबह 9:55 बजे हुई और इसके लगभग एक घंटे बाद उन्होंने युद्ध की घोषणा की। इसके विपरीत, तत्कालीन रक्षा मंत्री योव गैलेंट, जो मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर थे, सुबह 7:30 बजे किर्या पहुंच गए, जबकि नेतन्याहू का घर वहां से केवल 20 किलोमीटर दूर था।


निष्पक्ष जांच आयोग की मांग

इन तथ्यों के सामने आने के बाद इजरायल में निष्पक्ष राज्य जांच आयोग की स्थापना की मांग फिर से तेज हो गई है। 'अक्टूबर काउंसिल' का कहना है कि शुरुआती तीन घंटों की सटीक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है। नेतन्याहू ऐसे आयोग का विरोध करते रहे हैं, क्योंकि आयोग के पास घटनाक्रम और प्रशासनिक प्रतिक्रिया की व्यापक जांच के कानूनी अधिकार होंगे।