इजरायल चुनाव: अरब पार्टियों की बढ़ती ताकत और राजनीतिक समीकरण
इजरायल के चुनाव परिणाम
इजरायल के हालिया संसदीय चुनावों के परिणाम सामने आ चुके हैं। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, जिससे गठबंधन के बिना सरकार बनाना संभव नहीं होगा। बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गुट को अधिक सीटें मिली हैं, लेकिन उन्हें विजेता के रूप में तुरंत घोषित नहीं किया जा सकता। उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट हैं। इस बार अरब पार्टियों ने सत्ता में पहुंचने का एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरी हैं।
अरब पार्टियों की स्थिति
अरब पार्टियों ने इस चुनाव में 11 से अधिक सीटें जीतने की संभावना जताई है। इजरायल में रहने वाले फिलिस्तीनी नागरिकों ने इस बार मतदान में सक्रिय भागीदारी दिखाई। अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन क्षेत्रों में भी 75 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां पहले लोग वोट डालने से कतराते थे। हालांकि इजरायल में राष्ट्रवादी दलों का दबदबा रहा है, फिर भी फिलिस्तीनियों ने मतदान में भाग लिया।
इजरायल में राजनीतिक ताकत का संतुलन
चुनाव परिणामों के अनुसार, इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में नेतन्याहू के गठबंधन को 50 सीटें मिल सकती हैं, जबकि उनके विरोधी यहूदी दलों को 52 सीटें और अरब पार्टियों को मिलकर 18 सीटें मिलने की संभावना है। नेतन्याहू या गादी आइजेनकोट, दोनों को राअम के समर्थन के बिना सत्ता में आना मुश्किल होगा।
राअम की भूमिका
राअम पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने स्पष्ट किया है कि वे गादी आइजेनकोट की सरकार में शामिल होने के लिए तैयार हैं। संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में, नेतन्याहू के गुट को 53 और विपक्षी गुट को 48 सीटें मिलती दिख रही हैं। ऐसे में अरब दलों की 19 सीटें सत्ता के समीकरण को प्रभावित कर सकती हैं।
राअम का इतिहास
राअम, जिसे यूनाइटेड अरब लिस्ट भी कहा जाता है, एक रूढ़िवादी अरब मुस्लिम पार्टी है। इसकी स्थापना 1970 के दशक में हुई थी और यह 1996 में चुनावी राजनीति में शामिल हुई।
मंसूर अब्बास का परिचय
मंसूर अब्बास, जो 52 वर्ष के हैं, पेशे से डेंटिस्ट हैं और 2019 में पहली बार क्नेसेट के लिए चुने गए थे। उन्होंने अरब राजनीति की दिशा को बदलते हुए नागरिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है।
राअम का राजनीतिक प्रभाव
राअम ने 2019 में बलद के साथ गठबंधन किया था, लेकिन 2021 में यह नफ्ताली बेनेट और यायर लापिद की सरकार का हिस्सा बनी। यह पहली बार था जब कोई अरब पार्टी इजरायल की सत्ताधारी गठबंधन सरकार में शामिल हुई।
अरब समुदाय की स्थिति
इजरायल में अरब नागरिकों की संख्या लगभग 20 प्रतिशत है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इजरायल के अरब नागरिक
इजरायल में अरब नागरिक, जो देश की सबसे बड़ी जातीय अल्पसंख्यक हैं, मुख्य रूप से अरब-बहुल क्षेत्रों में रहते हैं।
