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इजरायल चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू की स्थिति कमजोर, विपक्षी पार्टी को मिली बढ़त

इजरायल में होने वाले आम चुनावों से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। हाल के ओपिनियन पोल में विपक्षी पार्टी याशार को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। सर्वे के अनुसार, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को सीटों में कमी का सामना करना पड़ सकता है। गादी आइजनकोट को प्रधानमंत्री पद के लिए अधिक समर्थन मिल रहा है। चुनाव के परिणाम विभिन्न राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे।
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नेतन्याहू की चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं


नई दिल्ली: इजरायल में आगामी आम चुनावों से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। हाल ही में जारी एक ओपिनियन पोल में विपक्षी दल को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। सर्वे के अनुसार, यदि चुनाव तुरंत कराए जाएं, तो पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की याशार पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है।


याशार पार्टी को मिल सकती है बढ़त, लिकुड पीछे

चैनल 12 के लिए मिडगैम द्वारा किए गए सर्वे में याशार पार्टी को 25 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 21 सीटों पर सिमटने का खतरा है। पिछले सर्वे की तुलना में याशार को एक सीट का लाभ मिला है, जबकि लिकुड की सीटों में दो की कमी आई है। इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं, और किसी भी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है।


विपक्षी गठबंधन की संभावनाएँ

सर्वे में पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की टुगेदर पार्टी को 13 सीटें मिलने का अनुमान है। यायर गोलान की डेमोक्रेट्स पार्टी को 11 और एविगडोर लिबरमैन की यिसराइल बेतेनु पार्टी को 8 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा, यूनाइटेड टोरा यहूदी धर्म पार्टी को 8 और शास पार्टी को 7 सीटें मिलने की संभावना है। इस प्रकार, विपक्षी खेमे की कुल संभावित ताकत 68 सीटों तक पहुँच रही है, जबकि नेतन्याहू के समर्थन वाले खेमे को लगभग 52 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, चुनाव के बाद विभिन्न पार्टियों के बीच गठबंधन और समर्थन की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।


प्रधानमंत्री पद की पसंद में नेतन्याहू पीछे

सर्वे का एक महत्वपूर्ण आंकड़ा प्रधानमंत्री पद की पसंद को लेकर है। इसमें 42 प्रतिशत लोगों ने गादी आइजनकोट को बेहतर प्रधानमंत्री माना, जबकि 35 प्रतिशत ने नेतन्याहू का समर्थन किया। इस प्रकार, आइजनकोट को इस सवाल पर 7 प्रतिशत अंकों की बढ़त मिली है।


27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनाव से पहले आए ये आंकड़े नेतन्याहू के लिए चिंता का विषय हैं। हालांकि, अंतिम परिणाम मतदाताओं के वोट और चुनाव के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे।