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इजरायल ने अमेरिका की रिपोर्ट को किया खारिज: ईरान के नेताओं पर हमले का दावा बेबुनियाद

अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इजरायल ने अमेरिकी मीडिया में आई एक रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि इजरायल ईरान के दो वरिष्ठ नेताओं को निशाना बना सकता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इसे पूरी तरह से झूठा बताया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका को इस बात की चिंता थी कि यदि वार्ता के दौरान ईरान के किसी नेता पर हमला होता है, तो इससे बातचीत रुक सकती है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच इजरायल का कड़ा जवाब

नई दिल्ली: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी मीडिया में यह दावा किया गया कि इजरायल ईरान के दो प्रमुख नेताओं को निशाना बना सकता है। इस पर इजरायल ने कड़ा जवाब देते हुए इसे पूरी तरह से झूठा और आधारहीन बताया है। इजरायली सरकार का कहना है कि इस तरह की खबरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।


नेतन्याहू का कार्यालय रिपोर्ट को खारिज करता है

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि ईरानी वार्ताकारों के बारे में जो खबरें आई हैं, वे पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और इनमें किए गए दावे निराधार हैं। बयान में यह भी कहा गया कि ऐसी रिपोर्टें गलत जानकारी फैलाने का प्रयास हैं और इन्हें गंभीरता से लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।


रिपोर्ट में क्या कहा गया?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष शांति वार्ता के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबाफ को निशाना बना सकता है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अमेरिका ने मध्य पूर्व के कुछ देशों के माध्यम से ईरान को यह संदेश भेजने की कोशिश की थी कि उसके वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है।


अमेरिका की चिंताएं

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि यदि वार्ता के दौरान ईरान के किसी प्रमुख नेता पर हमला होता है, तो इससे दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह से रुक सकती है। अमेरिका को यह भी डर था कि ऐसी किसी घटना के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव फिर से बढ़ सकता है और स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इसी कारण अमेरिका संभावित खतरों को टालने की कोशिश कर रहा था।


बातचीत की स्थिति

हाल ही में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच कतर की राजधानी दोहा में अप्रत्यक्ष वार्ता का एक और दौर पूरा हुआ। हालांकि, इस बैठक के बाद किसी बड़े समझौते या निर्णायक प्रगति की घोषणा नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार, बातचीत का मुख्य फोकस पहले से तय कुछ मुद्दों पर रहा, जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही को सामान्य बनाए रखना और ईरान की कुछ वित्तीय संपत्तियों को अनफ्रीज करने के विषय।


अगली बैठक की योजना

कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अगली बैठक ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद आयोजित की जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोहा में हुई बातचीत के दौरान कुछ विषयों पर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। उन्होंने कहा कि आगे की वार्ता पहले हुई बैठकों और पूर्व सहमत बिंदुओं के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।