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इजरायल-लेबनान तनाव: अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत जारी, सुरक्षा पर जोर

इजरायल और लेबनान के बीच तनाव को कम करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। इस वार्ता में एक प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है, जिसमें दक्षिणी लेबनान के कुछ क्षेत्रों का नियंत्रण इजरायली सेना से लेबनानी सेना को सौंपा जा सकता है। हालांकि, इजरायल ने अपनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करने की बात कही है। इस बीच, हालिया घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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इजरायल-लेबनान तनाव: अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत जारी, सुरक्षा पर जोर

इजरायल और लेबनान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें


नई दिल्ली: इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। इस वार्ता में एक प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है, जिसके तहत दक्षिणी लेबनान के कुछ क्षेत्रों का नियंत्रण इजरायली सेना से लेबनानी सेना को सौंपा जा सकता है। हालांकि, इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा।


अमेरिकी प्रस्ताव पर बातचीत का दौर

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा है कि इस योजना पर चर्चा आगे बढ़ रही है और अब इजरायल की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।


इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र में स्थिरता लाना और दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना है। हालांकि, अभी तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं की गई है।


युद्धविराम के बावजूद जारी हिंसा

हालांकि नए युद्धविराम की कोशिशें चल रही हैं, दक्षिणी लेबनान में हिंसा पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। बुधवार को एक कार पर हुए ड्रोन हमले में कम से कम दो लोगों की जान चली गई। इजरायली सेना का कहना है कि उसने एक संदिग्ध वाहन को निशाना बनाया था, जो उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फिर से बढ़ गया है और शांति प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं।


इजरायल की सुरक्षा प्राथमिकता

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी दबाव या किसी कूटनीतिक पहल के बावजूद इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। उनका कहना है कि उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। काट्ज ने यह भी कहा कि अतीत में सीमा क्षेत्रों में सैनिकों पर कई हमले हुए थे, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी।


सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्णय

हाल ही में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, रक्षा मंत्री और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लेबनान सीमा पर सैन्य सतर्कता जारी रहेगी। इजरायल का कहना है कि जब तक खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक उसकी सेना क्षेत्र में सक्रिय बनी रहेगी।