इजरायली प्रधानमंत्री ने बहादुर यात्री को दिया हीरो का दर्जा, जानें पूरी कहानी
एक साहसी यात्री की अद्भुत कहानी
नई दिल्ली: जब एक विमान के कॉकपिट में खतरनाक स्थिति उत्पन्न हुई, तब एक सामान्य यात्री ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बच गई। इस बहादुरी के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद एयरपोर्ट पर जाकर उस यात्री को गले लगाया और उसे हीरो का दर्जा दिया। 30 सितंबर को नेतन्याहू ने बेन-गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यानीव हायुन से मुलाकात की, जिसने हाल ही में हुई एक खतरनाक घटना के दौरान अद्वितीय साहस दिखाया था।
वास्तव में, दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट में जब पायलट पर हमलावर ने हमला किया, तब यानीव ने हिम्मत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा तोड़ा और हमलावर को बाहर खींच लिया। नेतन्याहू ने यानीव की पीठ थपथपाते हुए कहा कि वे सच्चे हीरो हैं और उन्हें ग्लोबल मेडल ऑफ ऑनर का हकदार माना। इस मुलाकात में नेतन्याहू ने यानीव और उनके परिवार के साथ गर्मजोशी से बातचीत की और उनके साहस की सराहना की।
ट्रंप ने भी की सराहना
इजरायली प्रधानमंत्री के अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बहादुर यात्री की प्रशंसा की। ट्रंप ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ करते हुए यानीव की भूमिका को 'अद्भुत' बताया। उन्होंने कहा कि यानीव ने पहले कभी विमान नहीं उड़ाया था, फिर भी वे कॉकपिट में पहुंचे, को-पायलट को खींचकर बाहर निकाला और उसे पीछे फेंक दिया। इसके बाद अन्य यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू में कर लिया।
घटना का विवरण
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अचानक को-पायलट ने पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। इस संकट के समय पायलट की सूझबूझ और यात्रियों की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया, जिससे विमान में सवार 170 से अधिक यात्रियों की जान बच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विमान को तुरंत सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
इस साहसिक कार्य के लिए यानीव हायुन की चर्चा अब हर जगह हो रही है। नेतन्याहू ने एयरपोर्ट पर उनसे और उनके परिवार से मिलकर उन्हें सराहा और इस बहादुरी को लंबे समय तक याद रखने योग्य बताया।
