इटली के मंत्री का विवादित बयान: क्या कपड़ों से तय होती है महिलाओं की विश्वसनीयता?
इटली में महिलाओं के पहनावे पर विवाद
नई दिल्ली: इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी के एक बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि लंबी स्कर्ट पहनने वाली महिलाएं अधिक विश्वसनीय और बेहतर माताएं होती हैं। इस बयान के बाद, विपक्षी महिला नेताओं और सांसदों ने संसद से लेकर सोशल मीडिया तक इसका विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप ताजानी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।
द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब ताजानी ने एक राजनीतिक कार्यक्रम में अपने बेटे को शादी के बारे में सलाह देते हुए कहा कि उन्हें ग्लैमरस दिखने वाली महिलाओं की बजाय गंभीर और भरोसेमंद महिलाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी महिलाएं जो लंबी स्कर्ट पहनती हैं, वे बेहतर माताएं और वफादार साथी साबित होती हैं।
ताजानी के इस बयान ने कपड़ों की लंबाई को विवाहिक वफादारी और पारिवारिक स्थिरता से जोड़ दिया, जिससे उन्हें तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। विरोधियों ने सवाल उठाया कि किसी महिला के कपड़ों का उसकी विश्वसनीयता से क्या संबंध है।
सीनेट में मिनीस्कर्ट पहनकर पहुंचीं महिला सांसद
ताजानी के बयान के विरोध में डेमोक्रेटिक पार्टी, फाइव स्टार मूवमेंट, इटालिया विवा और ग्रीन्स एंड लेफ्ट अलायंस की महिला सीनेटर मिनीस्कर्ट पहनकर इटली की सीनेट पहुंचीं। इटालिया विवा की सीनेटर राफेला पैटा ने इसे महिलाओं की पहनावे की स्वतंत्रता का प्रतीक बताया और कहा कि हर महिला को अपने कपड़े चुनने का पूरा अधिकार है।
सोशल मीडिया पर भी उठी आवाजें
ट्यूरिन की पूर्व मेयर चियारा अपेंडिनो ने मिनीस्कर्ट में अपनी तस्वीर साझा करते हुए ताजानी से सवाल किया कि क्या वे एक भरोसेमंद महिला या अच्छी मां नहीं हैं। वहीं, ग्रीन्स एंड लेफ्ट अलायंस की प्रवक्ता फियोरेला जबाटा ने तंज करते हुए कहा कि मंत्री जी के विचार प्राचीन हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में किसी मंत्री को यह नहीं कहना चाहिए कि उन्हें केवल लंबी स्कर्ट पहनने वाली महिलाओं से शादी करनी चाहिए।
इस राजनीतिक विवाद के कई दिनों बाद, विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी भी महिला की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
