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ईरान-अमेरिका तनाव: होर्मुज स्ट्रेट में ड्रोन हमले के बाद बढ़ी सैन्य गतिविधियाँ

पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को एक बार फिर से झटका लगा है, जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव बढ़ गया है। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में एक कमर्शियल जहाज पर ड्रोन हमले के बाद, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को चेतावनी दी है कि हिंसा का जवाब भी हिंसा से दिया जाएगा। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचाने की बात की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक।
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पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों को झटका


नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद, दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव में वृद्धि देखी जा रही है। होर्मुज स्ट्रेट में एक वाणिज्यिक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में स्थित मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार सिस्टम पर बमबारी की है।


जेडी वेंस की चेतावनी

दिक्कत है तो फोन करो, हिंसा नहीं


इस सैन्य कार्रवाई के बाद, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का पूरी तरह से सम्मान किया है। वेंस ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मुद्दे पर विवाद है, तो बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। लेकिन अगर हिंसा का सहारा लिया गया, तो उसका जवाब भी उसी भाषा में दिया जाएगा।




ट्रंप का बयान

ईरान के पास अब भी कुछ ताकत बची है


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस टकराव पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा कि हालिया अमेरिकी हमलों ने ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, लेकिन उसके पास अब भी कुछ ताकत बची हुई है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़े जहाज पर चार ड्रोन दागे थे। हमारी सेना ने तीन ड्रोन को मार गिराया, लेकिन एक जहाज से टकरा गया जिससे नुकसान हुआ। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका आगे और बड़ा हमला करेगा, तो उन्होंने संक्षिप्त उत्तर दिया, आपको जल्द ही पता चल जाएगा।


एम/वी एवर लवली पर हमला

ओमान तट के पास एम/वी एवर लवली पर हमला


अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह विवाद 25 जून को शुरू हुआ जब ओमान तट के पास होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले कार्गो जहाज 'एम/वी एवर लवली' पर एक वन-वे सुसाइड ड्रोन से हमला किया गया। अमेरिका का आरोप है कि यह हमला ईरान ने किया है।


शिपिंग कॉरिडोर विवाद

शिपिंग कॉरिडोर को लेकर विवाद


यह हमला संयुक्त राष्ट्र और ओमान द्वारा सुरक्षित समुद्री यातायात के लिए बनाए गए एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कॉरिडोर में हुआ। ईरान इस कॉरिडोर को मान्यता नहीं देता है और दावा करता है कि उसने लारक आइलैंड के पास अपना एक अलग शिपिंग रूट बनाया है।


सैन्य ढांचे पर हमला

सैन्य ढांचे को निशाना बनाया


जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के सीरिक बंदरगाह के आसपास के सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया है। फिलहाल, दोनों पक्षों ने अपने नुकसान की सटीक जानकारी साझा नहीं की है।