ईरान-अमेरिका संघर्ष: मोहसिन रिजाई की खुली चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष
लगभग सात महीने बीत चुके हैं और अमेरिका तथा ईरान के बीच संघर्ष जारी है, कभी तेज तो कभी धीमा। इस दौरान अमेरिका की वैश्विक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। जो देश खुद को एक विश्व शक्ति मानता है, आज ईरान के सामने झुकता नजर आ रहा है। हूती विद्रोहियों ने, जो ईरान के समर्थन में हैं, सऊदी अरब में व्यापक तबाही मचाई है। रेड सी पर नियंत्रण की कोशिशें चल रही हैं, जिससे बाब अल मंदेब और होर्मज जैसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को बाधित किया जा रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर संकट उत्पन्न हो सकता है। हालांकि, अमेरिका ईरान को लगातार धमकियां दे रहा है, लेकिन अब तक वह ईरान की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर नहीं कर पाया है।
मोहसिन रिजाई का बयान
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रिजाई ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने अमेरिका को चुनौती दी है कि वह हवाई हमलों के बजाय ग्राउंड ऑपरेशन करे। रिजाई ने कहा कि अगर अमेरिका को ईरान पर विजय प्राप्त करनी है, तो उसे अपनी सेना को मैदान में उतारना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सात महीनों में हवाई हमलों से कोई लाभ नहीं हुआ है। रिजाई ने अमेरिका को खुली चुनौती दी है कि यदि वह ईरान को जीतना चाहता है, तो उसे अपने सैनिकों को ईरान में भेजना होगा।
युद्ध की रणनीति पर विचार
रिजाई ने यह भी कहा कि युद्ध में केवल एयरफोर्स पर निर्भर रहना असंभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरफोर्स किसी युद्ध का परिणाम बदल सकती है, लेकिन केवल एयर स्ट्राइक के भरोसे युद्ध नहीं जीते जा सकते। इतिहास में कोई भी युद्ध एयर स्ट्राइक से नहीं जीता गया है। रिजाई ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि वह ईरान को हराना चाहता है, तो उसे अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।
