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ईरान-अमेरिका समझौते पर इजराइल की चिंताएं: नेतन्याहू का बयान

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इजराइल की प्राथमिकता है। नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ अपनी साझेदारी की बात की, लेकिन यह भी बताया कि कई बार उनकी राय अलग होती है। जानें नेतन्याहू के बयान और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इजराइल की नीति के बारे में।
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ईरान-अमेरिका समझौते पर इजराइल की चिंताएं: नेतन्याहू का बयान

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इजराइल की स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते को वाशिंगटन एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि मानता है। हालांकि, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस डील को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इजराइल की प्राथमिकता है, और इस मुद्दे पर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की राय हमेशा मेल नहीं खाती। समझौते के सार्वजनिक होने के बाद नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के परमाणु खतरे को काफी हद तक कम किया है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 


नेतन्याहू की सुरक्षा नीति

नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप और उनके बीच एक मजबूत साझेदारी है, लेकिन कई बार उनके विचार भिन्न हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल अपनी सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। उनका मानना है कि दशकों से ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखना उनका मिशन रहा है और वे भविष्य में भी इसी नीति पर कायम रहेंगे। इजराइली प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि ईरान और उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने लेबनान का उल्लेख करते हुए कहा कि इजराइली सेना सुरक्षा क्षेत्रों में मौजूद रहेगी और किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए स्वतंत्रता बनाए रखेगी। नेतन्याहू के अनुसार, हाल के सैन्य अभियानों में इजराइल ने कई ऐसे क्षेत्रों पर नियंत्रण प्राप्त किया है, जिनका पहले उनके खिलाफ उपयोग किया जाता था। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद एक समझौते की रूपरेखा सामने आई है। 


ट्रंप का बयान और समझौते की शर्तें

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान ने वादा किया है कि वह किसी भी परमाणु हथियार का निर्माण नहीं करेगा। उन्होंने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान को $300 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देगा, इसे उन्होंने पूरी तरह से झूठा बताया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वांस ने भी इस समझौते का समर्थन करते हुए कहा कि ट्रंप की कूटनीति एक बार फिर सफल रही है, और इस डील का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह समझौता भविष्य की बातचीत के लिए एक ढांचा तैयार करता है, जिसमें परमाणु निरीक्षण, यूरेनियम एनरचमेंट की निगरानी और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, समझौते के तहत ईरान को कुछ आर्थिक राहत मिल सकती है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब तेहरान परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी और सत्यापन की शर्तों का पालन करे।