ईरान-इजराइल संघर्ष: पर्दे के पीछे का असली मास्टरमाइंड
ईरान और इजराइल के बीच तनाव
ईरान पर बमबारी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे अमेरिका और इजराइल के बीच की स्थिति और भी जटिल हो गई है। ट्रंप प्रशासन हर कदम पर असहाय नजर आ रहा है। इजराइल ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए लेबनान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी। इस संदर्भ में कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे कि क्या नेतन्याहू ने ईरान पर हमले के जरिए ट्रंप को चुनौती दी है या फिर ट्रंप पर्दे के पीछे से नेतन्याहू का समर्थन कर रहे हैं। इन जटिल सवालों के उत्तर खोजने के लिए हमने मीडिल ईस्ट विशेषज्ञ डॉ. शुभदा चौधरी से बातचीत की।
ईरान का छिपा हुआ चेहरा
ईरान-इजराइल संघर्ष में एक ऐसा व्यक्ति है जो कभी भी सार्वजनिक रूप से नहीं आता, लेकिन उसे ईरान का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। वह हैं अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई। डॉ. शुभदा चौधरी ने बताया कि मोजतबा खामेनेई ईरान में एक 'घोस्ट' की तरह काम करते हैं। वे जनता के सामने नहीं आते, लेकिन आईआरजीसी और अपने पिता के बीच महत्वपूर्ण मध्यस्थता करते हैं।
पर्दे के पीछे का असली मास्टरमाइंड
मोजतबा खामेनेई 1987 से आईआरजीसी से जुड़े हुए हैं, जब ईरान-इराक युद्ध चल रहा था। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट और साइबर सुरक्षा का नियंत्रण उनके हाथ में है। पश्चिमी देशों का दावा है कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन कर सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई के कारण आईआरजीसी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुका है। यदि इस संघर्ष के बाद कोई शांति समझौता होता है, तो उसका सबसे बड़ा लाभ ईरान और मोजतबा खामेनेई को ही होगा।
