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ईरान-इजरायल संघर्ष में नया मोड़: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों की मदद की गुहार

ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम के दौरान पहली बार प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई की खबर आई है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर 24 भारतीय नाविक मदद की गुहार लगा रहे हैं। फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें नाविकों की स्थिति को दर्शाया गया है। भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
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ईरान-इजरायल संघर्ष में नया मोड़: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों की मदद की गुहार

नई दिल्ली में बढ़ते तनाव की खबरें


नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच पिछले दो महीनों से चल रहे संघर्ष विराम के दौरान पहली बार प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई की सूचना मिली है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को फिर से बढ़ा दिया है। क्षेत्रीय अस्थिरता का प्रभाव अब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में भी देखने को मिल रहा है, जहां एक जहाज पर हमले की खबर आई है। इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जो मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


भारतीय नाविकों की मदद की अपील

फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया का वीडियो साझा


फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि ओमान के तट के निकट स्थित जहाज पर भारतीय नाविकों ने तत्काल सहायता की मांग की है। वीडियो में जहाज से काला धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे किसी गंभीर घटना की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हमले की प्रकृति और इसके कारणों के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।




महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य की स्थिति

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।


इस बीच, रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने रूसी अखबार इजवेस्टिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यह समुद्री मार्ग खुला रहेगा, लेकिन इसके संचालन से जुड़ी नई व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं। उनके अनुसार, ईरान और ओमान मिलकर इस मार्ग के उपयोग से संबंधित नियम तय करेंगे और संभव है कि यहां से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क या टोल लगाया जाए।


भारत की नागरिकों के लिए एडवाइजरी

भारत ने जारी की एडवाइजरी


दूसरी ओर, क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने लोगों को फिलहाल ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही, वहां मौजूद भारतीयों से कहा गया है कि वे सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हों या देश छोड़ने पर विचार करें।


यह ध्यान देने योग्य है कि संघर्षविराम के बाद यह पहला मौका है जब ईरान और इजरायल के बीच सीधे टकराव की स्थिति बनी है। इससे पहले, इजरायल ने ईरान पर सीधा हमला करने के बजाय लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई थी। अब ताजा घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।