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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए नई पहल

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक नई पहल की गई है। दोनों देशों ने लेबनान में सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने के लिए एक 'डी-कॉन्फ्लिक्टेशन सेल' बनाने पर सहमति जताई है। इस पहल का उद्देश्य तनाव को नियंत्रित करना है। हालांकि, हिजबुल्ला और इजरायल के बीच संघर्ष को रोकने में यह व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री ने इस प्रक्रिया में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान और कतर की सराहना की है।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए नई पहल

ईरान युद्ध की स्थिति

ईरान युद्ध का मामला अभी भी पूरी तरह से सुलझा नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है। इस बीच, दोनों देशों ने लेबनान में सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने के लिए एक 'डी-कॉन्फ्लिक्टेशन सेल' स्थापित करने पर सहमति जताई है। इसका उद्देश्य तनाव को नियंत्रित करने के लिए एक समन्वय तंत्र बनाना है। हाल ही में स्विट्जरलैंड में हुई उच्च स्तरीय बैठक में ईरान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के प्रयास किए गए।


संयुक्त बयान और लेबनान की भूमिका

पाकिस्तान और कतर द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में बताया गया कि इस 'डी-कॉन्फ्लिक्टेशन सेल' में लेबनान की सरकार भी शामिल होगी। इसका मुख्य उद्देश्य लेबनान में सैन्य अभियानों के समाप्ति के समझौते का पालन सुनिश्चित करना है।


हिजबुल्ला और इजरायल के बीच स्थिति

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यवस्था ईरान समर्थित हिजबुल्ला और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में सफल होगी या नहीं। इजरायल का कहना है कि उसे उत्तरी इजरायल पर हमले करने वाले चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए।


अब्बास अराघची की टिप्पणी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अराघची ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। पाकिस्तान, कतर और ईरान ने उच्च स्तरीय वार्ता के पहले दौर के समाप्त होने की पुष्टि की है, लेकिन अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


इजरायल की स्थिति

ईरान ने इन वार्ताओं की सफलता को लेबनान में जारी लड़ाई की समाप्ति से जोड़ा है। वहीं, इजरायल का कहना है कि वह लेबनान में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखेगा और हिजबुल्ला के खिलाफ कार्रवाई करने की स्वतंत्रता उसके पास होनी चाहिए। इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्ला उत्तरी इजरायल पर लगातार हमले कर रहा है।


ट्रंप की धमकियों पर ईरान की प्रतिक्रिया

वार्ता की शुरुआत तनावपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें 60-दिवसीय कूटनीतिक प्रक्रिया का उद्देश्य ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए एक स्थायी समझौते तक पहुंचना है। हालांकि, लेबनान में जारी संघर्ष अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस बीच, ईरान ने दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है, जबकि अमेरिका ने कहा कि इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रही।