ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव: सिरिक पर हवाई हमले
सैन्य टकराव की नई पराकाष्ठा
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा छद्म युद्ध अब एक गंभीर सैन्य संघर्ष में बदल चुका है। बुधवार की सुबह, अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जोरदार हवाई हमले किए। ईरान ने आरोप लगाया है कि इन हमलों में सिरिक शहर में पानी जमा करने वाले दो बड़े टैंकों और एक टेलीकम्युनिकेशन टावर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है, जिससे शहर की जलापूर्ति ठप हो गई है। इस घटना ने मध्य पूर्व में एक बड़े मानवीय संकट और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका को जन्म दिया है.
मानवाधिकारों का उल्लंघन
ईरानी वाणिज्य दूतावास ने इस हमले को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा, "सिरिक पर अमेरिकी हमलों ने स्थानीय निवासियों के लिए पीने के पानी की उपलब्धता को समाप्त कर दिया है। नागरिकों के लिए पानी के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना गंभीर मानवीय चिंताओं को जन्म देता है।"
ईरान का जवाब
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी अल-अजराक बेस पर चार स्थानों पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागी हैं। गार्ड्स ने यह भी कहा कि वे किसी भी नए अमेरिकी हमले का "करारा और निर्णायक" जवाब देने के लिए तैयार हैं।
अमेरिका का बयान
अमेरिकी सेना ने अपने ऑपरेशन को "ईरान की अनुचित आक्रामकता का उचित जवाब" बताया। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरान के एक ड्रोन द्वारा गिराया गया था, जिसमें सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं।
धमाकों की आवाज़ें
बुधवार की सुबह, दक्षिणी ईरान के कई क्षेत्रों से धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं। ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि होर्मोज़गन प्रांत में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।
ईरान की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि विदेशी सैन्य ताकतों को हमेशा दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की आक्रामकता जारी रही, तो ईरान "और भी कड़ा जवाब" देगा।
