ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हमले की घटनाएँ
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला किया। ईरान ने जवाब में अमेरिकी बलों पर मिसाइलें दागीं। इस घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। जानें इस संघर्ष के पीछे की वजहें और इसके संभावित परिणाम।
| Sep 9, 2026, 11:11 IST
ईरान पर अमेरिकी हमले
अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया है कि उसने दो दिनों में अमेरिकी युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इसके जवाब में, ओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के निकट ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला किया गया। ईरान ने मंगलवार को जॉर्डन में अल-अज़राक बेस पर तैनात अमेरिकी बलों पर मिसाइलें दागकर जवाब दिया। उसने यह भी दावा किया कि उसने क्षेत्र में कम से कम दो अमेरिकी जहाजों और आठ टैंकरों पर हमले किए, जिससे "भारी नुकसान" हुआ है। यह घटनाएँ अमेरिका और इज़राइल के बीच छिड़ी जंग के छह महीने बाद हुई हैं, जब खाड़ी में तनाव बढ़ गया है। इस दौरान, तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू की है। इस तनाव के कारण, बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतें $99.49 प्रति बैरल तक पहुँच गईं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बयान
मंगलवार रात को जारी एक बयान में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले दो दिनों में अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन वह सफलतापूर्वक बच गया। CENTCOM ने यह भी बताया कि किसी अमेरिकी कर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुँचा। इसके अनुसार, ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों - M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1 और M/T Riesco - के साथ-साथ खार्ग द्वीप के पास M/T Derya पर हमला करके उन्हें नष्ट कर दिया गया।
हमले की प्रक्रिया
CENTCOM ने आगे कहा कि अमेरिकी सेना ने जहाजों पर हमले से पहले उनके क्रू को जहाज छोड़ने का निर्देश दिया। इसके बाद, एक वीडियो जारी किया गया जिसमें ओमान की खाड़ी में M/T Riesco को डूबते हुए दिखाया गया।
