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ईरान और ओमान की नई योजना: यमन के हूती विद्रोही वसूलेंगे शुल्क

ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज की खाड़ी में शुल्क वसूलने की योजना बना रहे हैं। यमन के हूती विद्रोही भी रेड सी में गुजरने वाले कारोबारी जहाजों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रहे हैं। यह कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव डाल सकता है। जानें इस योजना के पीछे की वजहें और संभावित परिणाम।
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खाड़ी में शुल्क वसूली की तैयारी


नई दिल्ली। होर्मुज की खाड़ी अभी भी खुली नहीं है, और ईरान तथा ओमान मिलकर वहां शुल्क वसूलने की योजना बना रहे हैं। इस बीच, यमन के हूती विद्रोही रेड सी के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रहे हैं। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सूत्रों के हवाले से सामने आई है। हालांकि, इस शुल्क को लागू करने की कोई निश्चित समयसीमा अभी तक निर्धारित नहीं की गई है।


रेड सी, जो अदन की खाड़ी से जुड़ता है, एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से विश्व के लगभग सात प्रतिशत ईंधन की आपूर्ति होती है। बताया गया है कि जुलाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हूती नेता ईरान गए थे। वहां ईरानी अधिकारियों ने जहाजों पर टैक्स लगाने का सुझाव दिया था। इसके बाद, ईरानी सलाहकारों ने हूती अधिकारियों के साथ मिलकर इस टैक्स वसूली के लिए एक संभावित व्यवस्था तैयार करने में मदद की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीनी जहाजों को इस शुल्क से छूट दी जा सकती है।