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ईरान का जॉर्डन पर मिसाइल हमला, अमेरिकी सेना की कार्रवाई का जवाब

ईरान ने जॉर्डन पर मिसाइल हमले किए, जो अमेरिकी सेना की कार्रवाई का प्रतिशोध था। जॉर्डन की सेना ने इन हमलों को रोकने का दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी टैंकरों पर हमले की पुष्टि की है। इस तनाव के बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वे अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाते हैं, तो वाशिंगटन जवाबी कार्रवाई करेगा। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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ईरान का जवाबी हमला

9 सितंबर, बुधवार को ईरान ने जॉर्डन पर मिसाइल हमले किए, जो अमेरिकी सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस को लक्ष्य बनाते हैं। यह कार्रवाई ईरानी जहाजों पर अमेरिकी हमलों के प्रतिशोध में की गई। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक "सज़ा देने वाले ऑपरेशन" के तहत जॉर्डन के अमेरिकी अल-अज़राक बेस पर भारी मिसाइल हमले करने की पुष्टि की।


जॉर्डन की प्रतिक्रिया

हमलों के तुरंत बाद, जॉर्डन की सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों को रोकने में सफलता प्राप्त की। आधिकारिक बयान में कहा गया कि जॉर्डन के डिफेंस नेटवर्क ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया और उनमें से 18 को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें निर्जन क्षेत्रों में गिरीं। यह तनाव अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की कार्रवाई के बाद बढ़ा, जिसने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने 8 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े पांच ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया था।


अमेरिकी सेना की कार्रवाई

CENTCOM ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में चार कच्चे तेल के टैंकरों और फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास एक पांचवें जहाज पर हमला किया। अधिकारियों ने बताया कि जिस अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया गया था, उसने हमलों से खुद को सफलतापूर्वक बचाया और अपने क्षेत्र में गश्त जारी रखी। हमलों से पहले टैंकरों पर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया था। कोलंबिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तेहरान को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ईरानी सेना अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाती है, तो वाशिंगटन लगातार जवाबी कार्रवाई करेगा।