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ईरान का हॉर्मूस में ड्रोन हमला: वैश्विक तेल बाजार पर असर

ईरान ने हॉर्मूस जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन से हमला किया है, जिससे 11,000 नाविकों की जान को खतरा है। इस हमले ने वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ा दी है, और कच्चे तेल की कीमतों में 4% की वृद्धि हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के साथ, यह स्थिति शांति वार्ता पर भी असर डाल सकती है। जानिए इस हमले के पीछे की वजह और इसके संभावित परिणाम।
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हॉर्मूस में ईरान का हमला

ईरान ने हॉर्मूस जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन से हमला किया है। यह हमला उस रूट पर नहीं जाने के कारण किया गया, जो पहले निर्धारित था। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के बाद जहाजों की निकासी योजना को रोक दिया गया है। ईरान ने यह तर्क दिया है कि निर्धारित मार्ग का पालन न करने के कारण यह हमला हुआ। जबकि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता चल रही है, यह तनाव उस डील पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ईरान के ड्रोन हमले के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया है, जिससे 11,000 नाविकों की जान को खतरा है। फारस की खाड़ी में कई जहाज फंसे हुए हैं। यह एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि इस शांति डील के चलते हॉर्मूस को पूरी तरह से खोला गया था। अब निकासी मार्ग पर रोक लगने से जहाज वहीं रुक गए हैं, जिससे नाविकों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है।


कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

इस स्थिति ने बाजार में पैनिक पैदा कर दिया है और यह डील पर असर डालने के संकेत मिल रहे हैं। हॉर्मूस में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में लगभग 4% की वृद्धि हुई है। हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ गई है, और ब्रेंट क्रूड की कीमत 74.89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। हॉर्मूस में जहाज पर हमले से सप्लाई पर असर की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का केंद्र बन चुके हॉर्मूस में एक बार फिर से हलचल मच गई है। ईरान ने सिंगापुर के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि कोई जहाज उसकी अनुमति के बिना इस क्षेत्र से गुजरता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उसकी नहीं होगी। इस हमले के बाद बारूदी संघर्ष की आशंका फिर से बढ़ गई है।


हॉर्मूस जलडमरूमध्य का महत्व

फारस की खाड़ी और अमान की खाड़ी को जोड़ने वाला हॉर्मूस एक बार फिर से तनाव का केंद्र बन गया है। जब ऐसा लग रहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति सामान्य हो रही है, तभी अचानक एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला हुआ। यह हमला ओमान के अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के निकट, तट से केवल 14 किलोमीटर की दूरी पर किया गया। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने पुष्टि की है कि जहाज के दाहिने हिस्से पर एक अज्ञात ड्रोन ने हमला किया। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि जहाज का नियंत्रण कक्ष बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।