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ईरान का होर्मुज पर अधिकार: गालीबाफ का बयान

ईरान के नेता मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के अधिकार को स्पष्ट करते हुए कहा है कि अमेरिका इस पर विवाद नहीं खड़ा कर सकता। उन्होंने इसे ईरान की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौते में दी गई टोल छूट अस्थायी है। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका से अपनी विदेशों में फंसी संपत्ति को जारी करने की मांग की है। जानें इस बयान का अमेरिका-ईरान वार्ता पर क्या असर हो सकता है।
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ईरान का स्पष्ट संदेश


तेहरान से आई एक महत्वपूर्ण खबर में, ईरान के नेता मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य ईरान के क्षेत्रीय जल का हिस्सा है और अमेरिका इस पर विवाद नहीं खड़ा कर सकता। गालीबाफ ने ईरानी मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि ईरान ने इस क्षेत्र पर अपने अधिकार को नहीं छोड़ा है और वह किसी भी स्थिति में अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा।


होर्मुज की सामरिक महत्वता

गालीबाफ ने होर्मुज को ईरान की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि इस पर उनका अधिकार बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन में समुद्री सेवाओं के टोल में 60 दिनों की छूट केवल अस्थायी है। अमेरिका ने हाल ही में यह दावा किया था कि अब होर्मुज पर उसका अधिकार होगा और वह वहां के नियम खुद तय करेगा।


जहाजों की आवाजाही में वृद्धि

समुद्री निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को होर्मुज से 40 जहाज गुजरे, जिनमें से 16 ने ईरान के समुद्री मार्ग का उपयोग किया। इसके साथ ही, ईरान ने अमेरिका से मांग की है कि उसकी विदेशों में फंसी लगभग 6 अरब डॉलर की संपत्ति को पहले जारी किया जाए, तभी वह शांति समझौते के अगले चरण पर आगे बढ़ेगा।