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ईरान की चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी, क्या होगा वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर?

ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है। ईरान का कहना है कि यदि अमेरिका अपनी आक्रामकता नहीं रोकेगा, तो वह खाड़ी से तेल निर्यात को रोक देगा। इस स्थिति का वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस संकट के पीछे की वजहें और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
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ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया


नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा हमलों की संख्या बढ़ाने के बाद, ईरान ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका अपनी 'आक्रामक गतिविधियों' को नहीं रोकता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर देगा। इसके साथ ही, खाड़ी देशों से तेल और गैस ले जाने वाले अन्य मार्गों को भी निशाना बनाया जाएगा। ईरान का संदेश स्पष्ट है - खाड़ी से तेल का निर्यात या तो सभी के लिए खुला रहेगा, या किसी के लिए नहीं।


IRGC का 'ऑपरेशन लाइटनिंग'

बुधवार को ईरानी सरकारी टीवी पर सेना ने बयान दिया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में 'ऑपरेशन लाइटनिंग' का सातवां चरण शुरू किया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका अपने हमले नहीं रोकता। IRGC ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका नहीं रुका, तो खाड़ी के अन्य वैकल्पिक जलमार्ग भी निशाने पर होंगे।


IRGC ने कहा, "अमेरिका ने हिन्द महासागर के रास्तों को रोककर वैश्विक तेल और गैस निर्यात को खतरे में डाल दिया है। ऐसे में हम उन मार्गों को बंद कर देंगे जिनसे अमेरिका और उसके सहयोगियों को लाभ हो रहा है।"


हालांकि, IRGC ने यह स्पष्ट नहीं किया कि होर्मुज के अलावा वे और कौन से रास्ते बंद करेंगे। लेकिन 'सबके लिए या किसी के लिए नहीं' की बात से संकेत मिलता है कि पूरी खाड़ी में सप्लाई रोकने की योजना है।


होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

लगभग 20% वैश्विक तेल और बड़ी मात्रा में LNG इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। यह सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत और ईरान का मुख्य निर्यात मार्ग है। यदि यह बंद होता है, तो वैश्विक ऊर्जा कीमतें तुरंत बढ़ सकती हैं। अमेरिका ने हाल ही में ग्रेटर टुनब द्वीप और ईरान के अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने यह कड़ा रुख अपनाया है।


नागरिकों पर हमलों का असर

ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमानपुर ने बताया कि मंगलवार रात से बुधवार तक हुए हमलों में 260 से अधिक ईरानी नागरिक घायल हुए हैं। यह संख्या हाल के किसी भी हमले से अधिक है। ईरानी सेना ने सरकारी टीवी पर घोषणा की कि वह 'अमेरिका की इस कार्रवाई का निर्णायक जवाब' देगी।


वैश्विक बाजार पर प्रभाव

ईरान की इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है। खाड़ी देशों और एशिया-यूरोप के लिए यह मार्ग जीवन रेखा है। यदि होर्मुज और अन्य रास्ते बंद होते हैं, तो सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ेगा।


वर्तमान में, दोनों देशों के बीच बातचीत की कोई संभावना नहीं दिख रही है। अमेरिका हमले तेज कर रहा है, जबकि ईरान पलटवार में ऊर्जा मार्गों को बंद करने की बात कर रहा है। अगला कदम क्या होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर है।