ईरान की नई रणनीति: इसराइल को सीधा निशाना बनाना
ईरान ने इसराइल के खिलाफ अपनी नई आक्रामक रणनीति का खुलासा किया है, जिसमें सीधा हमला करने की योजना शामिल है। खामनेई के अंतिम संस्कार के बाद, ईरान ने तय किया है कि वह अपने दुश्मन इसराइल पर सीधा हमला करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की मिसाइलें इसराइल के हर कोने तक पहुंच सकती हैं। जानें इस संघर्ष के पीछे के कारण और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
| Jul 11, 2026, 20:11 IST
ईरान की आक्रामकता का नया अध्याय
जब अमेरिका और इसराइल ईरान के खिलाफ नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, ईरान भी अपनी योजनाओं को साकार करने में जुटा है। खामनेई के अंतिम संस्कार के बाद, ईरान ने यह तय किया है कि वह अपने दुश्मन इसराइल पर सीधा हमला करेगा। यह महत्वपूर्ण है कि यदि अमेरिका अपने हमलों को जारी रखता है, तो ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होगा। इसराइल के खिलाफ ईरान ने अपने हमलों की शुरुआत कर दी है। हाल ही में, ईरान ने तेलअवीव में एक महत्वपूर्ण स्थान पर हमला किया है, जिसकी तस्वीरें उसने सोशल मीडिया पर साझा की हैं। इसराइल में कड़ी सेंसरशिप के कारण, ईरान के हमलों की तस्वीरें बाहर नहीं आ पाई हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने तेलअवीव में सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है और कई लोग मारे गए हैं।
ईरान की मिसाइल रणनीति
हालांकि पश्चिमी मीडिया में इस घटना की कोई चर्चा नहीं है, लेकिन ईरान समर्थक हैंडल और कुछ रिपोर्टें यह दावा कर रही हैं कि ईरान ने इसराइल के न्यूक्लियर ठिकानों पर भी मिसाइलें दागी हैं। इसका मतलब यह है कि ईरान इसराइल के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। ईरान ने इसराइल को चेतावनी दी है कि यदि उसके संसाधनों को नुकसान पहुंचा, तो इसका परिणाम इसराइल के लिए गंभीर होगा। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के एक कंट्रोल टावर पर हमला किया था, जिसके बाद से ईरान की आक्रामकता बढ़ गई है। अब ईरान ने एक नई नीति अपनाई है कि चाहे अमेरिका हमला करे या अरब देश, ईरान का जवाब इसराइल को ही मिलेगा।
विशेषज्ञों की राय
ईरान मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की यह नई रणनीति इसराइल को स्पष्ट संदेश देती है कि सभी समस्याओं की जड़ वही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की लड़ाई में यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान की मिसाइलें इसराइल के हर कोने तक पहुंच सकती हैं। डिमोना और हाइफा जैसे स्थानों पर ईरान की बैलेस्टिक और सुपरसोनिक मिसाइलों ने तबाही मचाई है। इसीलिए, ईरान की यह रणनीति आने वाले समय में इसराइल और अमेरिका के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। इसराइल ईरान के साथ शांति समझौते से नाखुश है और चाहता है कि ईरान में इस्लामिक रेवोल्यूशन के अंत तक यह संघर्ष जारी रहे। अब ईरान ने भी तय कर लिया है कि वह इसराइल से उसी की भाषा में निपटेगा।
