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ईरान की सैन्य तैयारियों पर गंभीर चेतावनी, अमेरिका और इसराइल के खिलाफ कड़ा संदेश

ईरान ने अपनी सैन्य तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अमेरिका और इसराइल के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ईरानी सेना हमलावरों के खिलाफ पूरी तरह तैयार है। अमेरिका के संभावित हमले की थ्योरी और ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई है। इसके अलावा, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण।
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ईरान की सैन्य तैयारियों का खुलासा

ईरान ने एक व्यापक बहु-स्तरीय युद्ध के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि ईरानी सेना पूरी तरह से तैयार है। उनका कहना है कि हमलावरों और उनके समर्थकों के सभी ठिकानों को पूरी ताकत से नष्ट कर देंगे। ईरान के मीडिया का दावा है कि इस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि दुश्मन ने हमला किया या हत्या की, तो हमारा जवाब बिना किसी सीमा और रोक-टोक के होगा। ईरान के नजरिए में, अमेरिका इसराइल के बिना हमला नहीं करेगा और इसी तरह इसराइल भी अमेरिका के बिना कार्रवाई नहीं करेगा। दोनों की युद्ध मशीन एक ही है। ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी अधिकारियों और इसराइल सरकार द्वारा ईरान पर हमले की जो खुली धमकियां दी गई हैं, उन्होंने ईरान को कानूनी और नैतिक अधिकार दे दिया है कि वह अपनी रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।


संभावित अमेरिकी हमले की थ्योरी

इस बीच, एक सिद्धांत यह भी है कि अमेरिका इस बार ईरान के तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है, जिसके जवाब में ईरान अरब देशों में अमेरिकी हितों पर हमला कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिका की एक सोची-समझी योजना हो सकती है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करके पूरी दुनिया को हिला दिया है। अमेरिकी रणनीति यह हो सकती है कि ईरान के तेल भंडार और रिफाइनरी को नष्ट करने के साथ-साथ अरब देशों की तेल सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचाया जाए। इससे वैश्विक तेल की कमी बढ़ेगी और अमेरिका वेनेजुएला के तेल को अपने मनमाने दाम पर बेचेगा। आरोप है कि अमेरिका इस समय वेनेजुएला के तेल भंडार पर पूरी तरह से नियंत्रण रखता है और मध्य पूर्व में तेल की बादशाहत को समाप्त करना चाहता है।


ईरान का न्यूक्लियर कार्यक्रम

ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसका एक ग्राम भी यूरेनियम देश से बाहर नहीं जाएगा। जब तक अमेरिका विश्वास नहीं दिलाता और ईरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक न्यूक्लियर कार्यक्रम पर विचार नहीं किया जाएगा। सीधे शब्दों में कहें तो अमेरिका न्यूक्लियर कार्यक्रम में अधिक पारदर्शिता चाहता है, जबकि ईरान को आर्थिक राहत की आवश्यकता है। हालांकि, यह संभव है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय न्यूक्लियर ऊर्जा एजेंसी को अपने न्यूक्लियर स्थलों का बिना पूर्व सूचना दिए निरीक्षण करने की अनुमति दे सकता है, लेकिन यह भी एक दूर की बात है।


मध्य पूर्व में बिगड़ते हालात

इस समय ईरान पूरी कोशिश कर रहा है कि यदि उसकी शर्तें मानी जाती हैं और युद्ध टलता है, तो वह अमेरिका के माध्यम से वर्षों से लगे प्रतिबंधों के कारण अपनी फ्रीज संपत्तियों और धन को किसी भी तरह प्राप्त कर सके। इसी कारण वह स्ट्रीट ऑफ होर्मुज पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। हाल के दिनों में होर्मुज पर जहाजों में आग लगने और डूबने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जो ईरान द्वारा बिछाई गई माइन का परिणाम हैं। मध्य पूर्व में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। यमन और सऊदी अरब के बीच युद्ध और भीषण होता जा रहा है। इस बीच, एयर इंडिया ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एयर इंडिया ने सऊदी अरब के बदलते हालात को देखते हुए रियाद, दम्माम और जिद्दा के लिए अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दी हैं। इस निर्णय से उन यात्रियों को कठिनाई होगी जिन्होंने उमरा के लिए टिकट बुक कराए थे।