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ईरान के खार्ग द्वीप पर रहस्यमय धमाकों की गूंज, ट्रंप ने इसे बताया मामूली मामला

ईरान के खार्ग द्वीप पर शनिवार को रहस्यमय धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, लेकिन किसी बड़े नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य तनाव को 'मामूली बात' करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कोई बड़ी जमीनी लड़ाई नहीं लड़ रहा है। इस घटना के पीछे के कारणों की जांच जारी है। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है।
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खार्ग द्वीप पर धमाकों की आवाजें


नई दिल्ली: फारस खाड़ी में स्थित ईरान के प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप के निकट शनिवार को रहस्यमय धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फारस' के अनुसार, ये धमाके समुद्र की दिशा से आए, लेकिन इलाके में किसी भी प्रकार का धुआं या बड़ा नुकसान नहीं देखा गया है। वहीं, ईरान के 'नूरन्यूज' और स्थानीय मीडिया ने यह दावा किया है कि खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को अमेरिकी बलों द्वारा दागी गई मिसाइल से निशाना बनाया गया है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इन धमाकों या मिसाइल हमले के दावों की पुष्टि नहीं की है। क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और घटना के वास्तविक स्रोतों की जांच जारी है।


ईरानी तेल टर्मिनल के पास धमाके

ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के पास शनिवार को समुद्र की ओर से रहस्यमय धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। मौके पर किसी बड़े नुकसान, आग या धुएं के संकेत नहीं मिले हैं। घटना को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।


डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष को बताया 'मामूली बात'

वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे सैन्य तनाव और कार्रवाइयों को 'मामूली बात' (स्मॉल पोटैटो) करार दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रमुख सैन्य अभियानों के महीनों पहले समाप्त होने के कारण इसे अब पूर्ण 'युद्ध' नहीं माना जाएगा। शुक्रवार को जब संवाददाताओं ने ट्रंप से इस संबंध में सवाल पूछा, तो उन्होंने वेंस के रुख का समर्थन करते हुए इसे बड़ा मुद्दा मानने से इनकार कर दिया।


हमले को लेकर दिया यह तर्क

ट्रंप ने कहा कि वे इसे एक 'सैन्य संघर्ष' कहना पसंद करते हैं क्योंकि अमेरिका के नजरिए से यह बहुत बड़ी बात नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना वहां कोई लगातार जमीनी लड़ाई नहीं लड़ रही, बल्कि केवल रुक-रुक कर सटीक सैन्य हमले (इंटरमिटेंट स्ट्राइक) कर रही है। उनके अनुसार, जब कोई बड़ी जमीनी जंग जारी नहीं है, तो इसे पारंपरिक अर्थों में युद्ध कहना सही नहीं होगा।


18 अमेरिकी सैनिकों की शहादत

बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध के दौरान जान गंवाने वाले 18 अमेरिकी सैनिकों का जिक्र करते हुए उन्हें 'महान आत्माएं' कहा। हालांकि, उन्होंने इस जनहानि की तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे वर्षों लंबे चले ऐतिहासिक युद्धों से कर दी। ट्रंप ने कहा कि एक भी जान जाना दुखद है, लेकिन वियतनाम में अमेरिका ने दसियों हजार सैनिक खोए थे और अफगानिस्तान में भी भारी नुकसान हुआ था। अपनी उपलब्धियों का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि हमने वेनेजुएला पर नियंत्रण पाया और अब अनिवार्य रूप से ईरान पर भी बढ़त बना ली है।