ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई: रहस्य और सुरक्षा चिंताएं
नई दिल्ली में गहराता रहस्य
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने एक बड़ा रहस्य उत्पन्न कर दिया है। जबकि उनके नाम का उल्लेख दस्तावेजों और बयानों में हो रहा है, वे व्यक्तिगत रूप से किसी के सामने नहीं आ रहे हैं। इस स्थिति को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हालिया बयान ने और बढ़ा दिया है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि वे भी अब तक मोजतबा से नहीं मिल पाए हैं।
शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति
28 फरवरी को अमेरिकी हवाई हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, उनके बेटे मोजतबा को ईरान की कमान सौंपी गई। लेकिन पद ग्रहण करने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह गायब हैं।
विदेश मंत्री का चौंकाने वाला बयान
ईरानी मीडिया को दिए गए एक साक्षात्कार में, विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि मोजतबा से केवल कुछ चुनिंदा अधिकारियों की मुलाकात हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा कारणों से वे खुद भी मोजतबा से मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
गोपनीय स्थान पर रहना
अराघची के अनुसार, जिस सुरक्षा चूक के कारण अमेरिका को अयातुल्लाह खामेनेई की सटीक लोकेशन मिली थी, उसे सुधारने में समय लग रहा है। इसलिए नए सुप्रीम लीडर को एक गोपनीय स्थान पर रखा गया है।
गंभीर चोटें और अंतिम संस्कार से दूरी
मोजतबा खामेनेई की इस रहस्यमयी अनुपस्थिति के पीछे कई अटकलें हैं। वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, फरवरी में हुए अमेरिकी हमलों में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और वर्तमान में इलाज करवा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका के साथ सैन्य संघर्ष जारी है, मोजतबा इसी अज्ञात स्थान से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
अमेरिका का हमला और ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह से नष्ट करने का दावा किया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना, वायु सेना और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया गया है। मोजतबा के बारे में बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि ईरान का नया नेतृत्व भी हमले में 90 प्रतिशत तक समाप्त हो चुका है। जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के जवाब में, अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों पर नए सिरे से हवाई हमले किए हैं। इसके परिणामस्वरूप, ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों ने इस संघर्ष को इजरायल और पड़ोसी देशों तक फैला दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
