ईरान के नेता का अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मुस्लिम देशों से एकजुट होने का आह्वान
नई दिल्ली में ईरानी नेता का संदेश
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और गाजा पट्टी पर जारी संघर्ष के बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा ख़ामेनेई ने इस्लामिक देशों से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। तेहरान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न मुस्लिम देशों के धार्मिक नेताओं को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अपने असली दुश्मनों को पहचानने में देर नहीं करनी चाहिए।
विदेशी ताकतों की साजिशों का सामना
सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ख़ामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका और इजरायल केवल एक देश के नहीं, बल्कि पूरे इस्लामिक जगत के अस्तित्व के खिलाफ हैं। ऐसे में मुस्लिम देशों के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे विदेशी ताकतों की योजनाओं को समझें, अपने मतभेद भुलाएं और एकजुट होकर इनका सामना करें।
क्षेत्रीय तनाव के बीच महत्वपूर्ण बयान
ख़ामेनेई का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियानों में उनके पिता और पूर्व नेता अली ख़ामेनेई समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद से वह सार्वजनिक मंचों से काफी हद तक दूर रहे हैं। हालिया संघर्ष के दौरान, ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
पत्रकारों पर हमले की घटना
ईरान के इस राजनीतिक आह्वान के बीच, वेस्ट बैंक में चरमपंथी इजराइली बसने वालों द्वारा हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। हाल ही में, इजराइली बसने वालों ने एनबीसी न्यूज क्रू पर जानलेवा हमला किया, जब पत्रकार मैट ब्रैडली एक बेदखल फिलिस्तीनी महिला का इंटरव्यू ले रहे थे। इस हमले में पत्रकारों और महिला को चोटें आईं। इजराइली सेना ने फिलिस्तीनियों के घायल होने की बात स्वीकार की, लेकिन मीडिया क्रू पर हमले पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
ब्रिटिश कार्यकर्ता का अपहरण
एक अन्य घटना में, इजराइली बसने वालों ने ब्रिटिश मानवाधिकार कार्यकर्ता फिन जोगिन को जबरन पकड़कर एक शेड में बंद कर दिया। उन पर बच्चे से मारपीट का आरोप लगाया गया, जिसे उनकी वकील ने खारिज कर दिया। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में इजराइली अधिकारियों के सामने अपनी कड़ी आपत्ति जताई है।
