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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए खुलासे: मोजतबा खामेनेई की बढ़ती रुचि

अमेरिका और इजरायल का कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम दशकों पुराना है, लेकिन हाल की रिपोर्टों में नए नेता मोजतबा खामेनेई की परमाणु हथियारों के प्रति बढ़ती रुचि का खुलासा हुआ है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा अपने पिता की तुलना में अधिक सक्रिय हैं। इसके अलावा, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने ईरान के परमाणु सेंट्रीफ्यूज के स्थानांतरण की जानकारी दी है। जानें इस जटिल मुद्दे के बारे में और क्या है अमेरिका-इजरायल की चिंता।
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ईरान का परमाणु कार्यक्रम: एक विवादास्पद इतिहास

अमेरिका और इजरायल का कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई दशकों से चल रहा है। ईरान की सरकार ने हमेशा से परमाणु बम हासिल करने की कोशिशों से इनकार किया है। तेहरान का दावा है कि उसने कभी भी परमाणु हथियार बनाने का इरादा नहीं किया। यह भी कहा जाता है कि दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी इस दिशा में नहीं थे।


न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में नए तथ्य

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें गुप्त जानकारी के आधार पर बताया गया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की परमाणु हथियारों के प्रति सोच उनके पिता अली खामेनेई से भिन्न है। मोजतबा परमाणु बम हासिल करने के लिए अधिक इच्छुक हैं।


गुप्त जानकारी और परमाणु हथियारों का समर्थन

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह जानकारी युद्ध से पहले एकत्र की गई थी। अमेरिकी अखबार ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि मोजतबा अपने पिता की तुलना में परमाणु हथियारों के मामले में अधिक सक्रिय हैं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सरकार में परमाणु बम बनाने के समर्थकों की संख्या बढ़ रही है, जो मानते हैं कि यह बम ईरान को भविष्य में हमलों से सुरक्षित रख सकता है।


इजरायली खुफिया एजेंसियों की चेतावनी

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी हाल ही में अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के हवाले से एक रिपोर्ट जारी की। इसमें बताया गया कि ईरान ने हजारों परमाणु सेंट्रीफ्यूज को नतान्ज परमाणु संयंत्र के पास पिकैक्स माउंटेन की सुरंगों में भेज दिया है। खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम है, जिसका एक हिस्सा पिकैक्स माउंटेन में स्थानांतरित किया गया है।


अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई

पिछले वर्ष, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतान्ज परमाणु संयंत्रों पर बमबारी की थी। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, ईरान के पास 440.9 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम है। यह संदेह है कि बमबारी के बाद यह यूरेनियम संयंत्र में दबा हुआ है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इसे पिकैक्स माउंटेन में सुरक्षित रखा गया है, क्योंकि ईरान के अधिकारियों का मानना है कि पहाड़ पर अमेरिकी हमलों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।