ईरान के पूर्व नेता अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार: जानिए कब और कैसे होगा यह कार्यक्रम
अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की तारीखें घोषित
नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यक्रम 4 जुलाई से तेहरान में आरंभ होंगे और 9 जुलाई को उनके गृहनगर मशहद में दफन के साथ समाप्त होंगे।
खामेनेई का निधन कब हुआ?
खामेनेई का निधन फरवरी में अमेरिकी और इजराइली हमलों के दौरान हुआ था, लेकिन क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा कारणों के चलते उनका अंतिम संस्कार कई महीनों तक टलता रहा। रिपोर्टों के अनुसार, उनका निधन 28 फरवरी को हुए हमले में हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद ईरान के राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव आया, क्योंकि उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक देश की सर्वोच्च सत्ता संभाली थी। हालांकि, उनकी मृत्यु के तुरंत बाद अंतिम संस्कार की तैयारी नहीं हो सकी, क्योंकि उस समय क्षेत्र में संघर्ष और अस्थिरता का माहौल था।
अंतिम संस्कार की योजना में बदलाव
शुरुआत में ईरानी प्रशासन ने संकेत दिया था कि अंतिम संस्कार मुहर्रम की शुरुआत में होगा, लेकिन बाद में इस योजना में बदलाव किया गया। तेहरान के मेयर अलीरेजा जकानी ने बताया कि मुहर्रम के पहले दस दिनों को इमाम हुसैन की शहादत की याद में शोक मनाने के लिए समर्पित किया जाता है। इसलिए खामेनेई के अंतिम संस्कार को उस अवधि के बाद आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
दफन कब होगा?
नई योजना के अनुसार, 4 जुलाई से तेहरान में तीन दिनों तक श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। अंततः 9 जुलाई को खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इस दौरान लाखों लोग विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।
दफन कार्यक्रम में देरी के कारण
दफन कार्यक्रम में देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें सुरक्षा चिंताएं, क्षेत्रीय संघर्ष, उनके पार्थिव अवशेषों से जुड़ी व्यवस्थाएं और सत्ता हस्तांतरण को लेकर चर्चाएं शामिल हैं। खासकर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी बनाए जाने की अटकलें भी लंबे समय तक चर्चा में रहीं।
ईरान का एक महत्वपूर्ण क्षण
अब लगभग चार महीने बाद अंतिम संस्कार की तारीख तय होने के साथ, ईरान एक ऐसे नेता को औपचारिक विदाई देने की तैयारी कर रहा है, जिसने देश की राजनीति, विदेश नीति और धार्मिक व्यवस्था पर दशकों तक गहरा प्रभाव डाला।
