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ईरान के पूर्व नेता अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार: मशहद में दी गई श्रद्धांजलि

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार मशहद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके निधन के बाद देशभर में शोक मनाया गया और लाखों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। खामेनेई को मशहद के इमाम रजा दरगाह में दफनाया गया, जो शिया मुस्लिमों के लिए एक पवित्र स्थल है। उनके अंतिम संस्कार में सुरक्षा कारणों से कई सड़कों को बंद किया गया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई मार्ग का सहारा लिया गया। जानें इस ऐतिहासिक घटना के बारे में और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के संदर्भ में भी।
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ईरान में अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार


तेहरान: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार शुक्रवार तड़के उनके जन्मस्थान मशहद में पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ किया गया। उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया लगभग एक सप्ताह तक चली, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। राजधानी तेहरान से मशहद तक लाखों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।


अयातुल्ला खामेनेई, जिन्होंने लगभग 37 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व किया, का निधन 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुआ था। इसके बाद पूरे देश में शोक मनाया गया। उन्हें मशहद के इमाम रजा दरगाह परिसर में दफनाया गया, जो शिया मुस्लिम समुदाय के लिए एक पवित्र स्थल है।


मशहद में दफन होने वाले दूसरे ईरानी शासक

खामेनेई ऐसे दूसरे ईरानी शासक बन गए हैं, जिन्हें मशहद में दफनाया गया है। इससे पहले 18वीं सदी के प्रसिद्ध शासक नादिर शाह को 1747 में उनकी हत्या के बाद इसी शहर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। इस कारण उनका अंतिम संस्कार ऐतिहासिक महत्व रखता है।


अंतिम विदाई का सिलसिला

खामेनेई की अंतिम यात्रा पिछले शनिवार से शुरू हुई थी। इस दौरान सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख सड़कों को बंद रखा गया और कुछ क्षेत्रों में हवाई क्षेत्र पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए। तेहरान और अन्य शहरों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपने पूर्व नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।


मशहद में अंतिम यात्रा के दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दानिश चौक से इमाम रजा दरगाह तक जाने वाले मार्ग पर लाखों लोग मौजूद थे। भीड़ इतनी अधिक थी कि खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम चरण में हवाई मार्ग से दरगाह तक पहुंचाना पड़ा। सरकारी मीडिया में प्रसारित तस्वीरों और वीडियो में लोगों को बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन करते हुए देखा गया।


अंतिम नमाज़ का आयोजन

रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई के सबसे बड़े बेटे मुस्तफा खामेनेई ने जनाज़े की नमाज़ अदा कराई। हालांकि, उनके दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई, जिन्हें संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है, इस समारोह में उपस्थित नहीं थे। वहीं, उनके अन्य तीन बेटे अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल हुए और अपने पिता को अंतिम विदाई दी।


जुलूस में ट्रंप विरोधी पोस्टर

अंतिम यात्रा के दौरान कई लोगों के हाथों में अमेरिका विरोधी और विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बैनर और पोस्टर भी दिखाई दिए। सरकारी प्रसारण में ऐसे दृश्य दिखाए गए, जिनमें समर्थक नारे लगाते और पूर्व सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते नजर आए।


अमेरिका-ईरान के बीच तनाव

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर लगातार दो दिनों तक सैन्य कार्रवाई की, जिसके जवाब में तेहरान ने भी कदम उठाए। इससे दोनों देशों के बीच हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं।


गौरतलब है कि जून में दोनों देशों ने संघर्ष को रोकने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत 60 दिनों के युद्धविराम और आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तय की गई थी। यह मसौदा 14 जून को तैयार हुआ था और 17 जून से औपचारिक रूप से लागू किया गया।