ईरान के राष्ट्रपति का अमेरिका-इजरायल को कड़ा संदेश: हम दबाव में नहीं आएंगे
ईरान का दृढ़ रुख
नई दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजरायल को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि उनका देश किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
'दबाव का सामना करेंगे'
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान टकराव की इच्छा नहीं रखता, लेकिन किसी भी प्रकार की जबरदस्ती को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विदेशी शक्तियों द्वारा ईरानी समाज में विभाजन पैदा करने के प्रयासों का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी कि यदि ईरान पर दबाव डाला गया, तो उसका जवाब भी मजबूती से दिया जाएगा। उनके अनुसार, ईरानी जनता कठिनाइयों के बावजूद पीछे हटने वाली नहीं है।
अमेरिका-इजरायल पर गंभीर आरोप
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए उन पर आम नागरिकों और आवश्यक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संघर्ष की स्थिति में अस्पतालों और नागरिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने के बजाय सैन्य ठिकानों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि दबाव और आवश्यक वस्तुओं की कमी के माध्यम से ईरानी लोगों को झुकाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान के लोग कठिन परिस्थितियों में भी अपने देश के साथ खड़े रहेंगे।
भारत और चीन के साथ सहयोग की आवश्यकता
अपने भाषण में, पेजेश्कियान ने क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग और शांतिपूर्ण संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान, भारत, चीन और अन्य देशों के लोग आपसी सम्मान और सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने अमेरिका और इजरायल की वर्तमान रणनीति के प्रति चेतावनी दी कि लगातार टकराव का रास्ता क्षेत्र को अस्थिरता और बड़े नुकसान की ओर ले जा सकता है। ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान पश्चिमी देशों के खिलाफ तेहरान के कड़े रुख के रूप में देखा जा रहा है।
