Newzfatafatlogo

ईरान के राष्ट्रपति का पाकिस्तान दौरा: मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत से किया इनकार

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पाकिस्तान दौरे के दौरान अपने देश के मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं के संबंध में स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार रखता है। पेजेश्कियान ने अमेरिका पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ देशों को हथियार रखने की अनुमति है, जबकि ईरान पर दबाव बनाया जाता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस मुद्दे पर समर्थन दिया। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के सभी पहलू।
 | 
ईरान के राष्ट्रपति का पाकिस्तान दौरा: मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत से किया इनकार

ईरान के राष्ट्रपति का स्पष्ट बयान


नई दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अपने हालिया पाकिस्तान दौरे के दौरान देश के मिसाइल कार्यक्रम पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं और मिसाइल कार्यक्रम पर किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं करेगा। उनके अनुसार, मिसाइलें ईरान की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इन्हीं के माध्यम से देश बाहरी खतरों का सामना कर रहा है।


मिसाइलों को सुरक्षा का मुख्य आधार बताया

इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम में पेजेश्कियान ने कहा कि अगर ईरान के पास मजबूत मिसाइल क्षमताएँ नहीं होतीं, तो अमेरिका और इजरायल उसके साथ वही व्यवहार करते जो गाजा में देखा गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मिसाइलें ईरान की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि देश की रक्षा व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में ईरान किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।


मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत से किया इनकार

पेजेश्कियान ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते या अमेरिका के साथ बातचीत का हिस्सा नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर न तो पहले चर्चा हुई है और न ही भविष्य में होगी।


उनका कहना था कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं के संबंध में स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार रखता है और इस पर किसी अन्य देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।


अमेरिका पर दोहरे मापदंड का आरोप

ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका की मानवाधिकार नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ देशों को हथियार और मिसाइल रखने की अनुमति दी जाती है, जबकि ईरान पर लगातार दबाव बनाया जाता है। इसे उन्होंने दोहरे मापदंड के रूप में देखा।


पाकिस्तान का समर्थन

इस दौरान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में बैलिस्टिक मिसाइलों का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम दोनों देशों के बीच बातचीत का हिस्सा नहीं था।


शरीफ ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर रक्षा क्षमताओं के लिए अलग-अलग देशों के लिए समान नियम होने चाहिए। उनके अनुसार, किसी एक देश को अधिकार देना और दूसरे को वंचित रखना उचित नहीं है।