ईरान के राष्ट्रपति की भारत यात्रा: मोदी से मुलाकात में व्यापार और कूटनीति पर चर्चा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशियान ने भारत में पीएम मोदी से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग और कूटनीति पर चर्चा की। पेजिशियान ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा और भारत के साथ सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मुलाकात ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
| Sep 12, 2026, 11:34 IST
ईरान के राष्ट्रपति का भारत दौरा
ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति, भारत-ईरान संबंधों और भविष्य के सहयोग पर गहन चर्चा की। पेजिशियान ने भारत से ईरान के दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से पेश किया। पीएम मोदी से मुलाकात के तुरंत बाद, पेजिशियान ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में पहुंचे, जहां उन्होंने ईरान के रुख पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव और धमकियों के आगे झुकने वाला नहीं है। पेजिशियान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल ईरान पर दबाव बनाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान पर दबाव डाला गया, तो वह जवाब देने के लिए तैयार है।
ब्रिक्स में आर्थिक सहयोग पर जोर
मोदी से मुलाकात के बाद, पेजिशियान ने ब्रिक्स के कारोबारी मंच पर अपने देश की स्थिति के बारे में एक सख्त संदेश दिया। उनका बयान केवल युद्ध और तनाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने आर्थिक मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया। ईरानी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया एक जटिल दौर से गुजर रही है और किसी देश के आर्थिक दबाव का प्रभाव अन्य देशों के वैध व्यापार पर नहीं पड़ना चाहिए। पेजिशियान ने ब्रिक्स से ऐसा वातावरण बनाने की अपील की, जहां विभिन्न देश अपनी वित्तीय ताकत का उपयोग करके दूसरे देशों के वैध कारोबार को बाधित न कर सकें। उनका मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना और डॉलर पर निर्भरता को कम करना था।
पश्चिम एशिया में शांति की आवश्यकता
दोनों नेताओं के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति एक प्रमुख विषय रही। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, पीएम मोदी ने कहा कि स्थायी शांति केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापार की निरंतरता पर भी जोर दिया, विशेष रूप से समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को भारत की प्राथमिकता बताया। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद, पेजिशियान ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए अच्छे विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इस प्रकार, भारत ने एक बार फिर शांति और बातचीत के रास्ते पर जोर दिया, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।
