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ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को भारी नुकसान: 81 विमान और ड्रोन खोए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान के साथ चल रहा संघर्ष एक गंभीर चुनौती बन गया है। एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने इस युद्ध में 81 सैन्य विमान और ड्रोन खो दिए हैं, जिनकी कुल कीमत 3.3 अरब डॉलर है। रिपोर्ट में शामिल विमानों की सूची और उनकी कीमतें जानकर आप इस संघर्ष की गंभीरता को समझ सकते हैं। क्या यह आंकड़ा और बढ़ेगा? जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
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अमेरिका-ईरान टकराव की नई रिपोर्ट


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान के साथ चल रहा संघर्ष एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। ट्रंप ने इजरायल के सहयोग से ईरान को समाप्त करने की योजना बनाई थी, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही निकली। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध में अमेरिका को गंभीर सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वर्ष ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका ने 81 सैन्य विमान और ड्रोन खो दिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 3.3 अरब डॉलर यानी 31,943 करोड़ रुपये है। इस नुकसान में अमेरिका के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भी शामिल हैं।


कौन से विमान हुए नष्ट

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की प्रतिक्रिया में अमेरिका के 12 F-15E जेट, एक F-35A लाइटनिंग-II स्टील्थ फाइटर, दो A-10 थंडरबोल्ट, सात KC-135 रीफ्यूलर विमान और 45 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हुए हैं। इसके अलावा, एक E-3 सेंट्री सर्विलांस प्लेन, दो MC-130J कमांडो विमान, एक HH-60W रेस्क्यू हेलीकॉप्टर, एक MQ-4C ट्राइटन ड्रोन, तीन MQ-1 ड्रोन, एक AH-64 अपाचे, चार AH-6 लिटिल बर्ड और एक MH-60 सी हॉक हेलीकॉप्टर भी नुकसान की सूची में शामिल हैं।


विमानों की कीमत

कीमत के संदर्भ में, हर F-15 जेट की कीमत 3 करोड़ डॉलर से अधिक है, जबकि MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत 3 से 5 करोड़ डॉलर के बीच है और पांचवीं पीढ़ी के F-35A की कीमत 9.2 करोड़ डॉलर से अधिक है। सबसे महंगा नुकसान E-3 सेंट्री का है, जिसकी कीमत 27 करोड़ डॉलर प्रति विमान है, और 2015 तक अमेरिका के पास ऐसे केवल 32 विमान ही बचे थे।


खर्च में वृद्धि

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह आंकड़ा अंतिम नहीं है, क्योंकि कई कॉम्बैट जानकारियां गोपनीय हैं और कुछ विमान मरम्मत के बाद वापस सेवा में आ सकते हैं। इस युद्ध को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया था। युद्ध में इस्तेमाल किए गए हथियारों की लागत भी एक महीने में 6 अरब डॉलर बढ़ गई है। कांग्रेस के बजट कार्यालय के 21.7 अरब डॉलर के अनुमान से बढ़कर अब यह खर्च 28.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। व्हाइट हाउस और पेंटागन ने इस रिपोर्ट पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।