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ईरान ने अमेरिका की डील को किया अस्वीकार, ट्रंप के दावों पर उठे सवाल

ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी डील को ठुकरा दिया है, जबकि ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने उनकी शर्तें मान ली हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि हमले रोक दिए गए हैं, लेकिन ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका को उनकी सभी मांगों को मानना होगा। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या है ट्रंप के दावों का सच।
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ईरान ने अमेरिका की डील को किया अस्वीकार, ट्रंप के दावों पर उठे सवाल

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव

ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की डील को ठुकरा दिया है। इस बीच, ट्रंप व्हाइट हाउस में मीटिंग कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि ईरान ने उनकी शर्तों को मान लिया है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसने अमेरिका की किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं किया है और न ही कोई डील हुई है। इस स्थिति में, जबकि हमले थम चुके हैं, युद्ध की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सैनिकों का एक छोटा समूह ईरान में घुसपैठ कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे चाहें, तो ऐसा कर सकते हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर और भी बड़े हमले करने की योजना बना रहा है, जबकि तेहरान के साथ बातचीत जारी है। उनका मुख्य लक्ष्य खर्ग द्वीप पर कब्जा करना है। ट्रंप ने ईरान को बड़ा हमला करने की धमकी दी थी, लेकिन कुछ घंटों बाद यह खबर आई कि उन्होंने अपने हमले की योजना को टाल दिया है।


व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने ईरान पर हमले रोक दिए हैं क्योंकि ईरान ने अमेरिका की डील को मान लिया है। ट्रंप का दावा है कि ईरान ने सभी शर्तें स्वीकार कर ली हैं, जिनमें न्यूक्लियर हथियारों से संबंधित शर्तें भी शामिल हैं। लेकिन ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। द हॉर्मोज लेटर के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। मंत्रालय ने कहा है कि किसी ने भी इस समझौते को मंजूरी नहीं दी है और कोई समझौता हुआ ही नहीं है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका को उनकी सभी मांगों को मानना होगा, जिसमें समृद्ध यूरेनियम का सौदा नहीं करना शामिल है।


ईरान का स्पष्ट संदेश

ईरान ने कहा है कि यदि वह दबाव में झुकता, तो वह पहले ही ऐसा कर चुका होता। ईरानी प्रवक्ता ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने पर स्टेट ऑफ हॉर्मोस फिर से खुल जाएगा, यह गलत है। मंत्रालय ने कहा कि यह ईरानी प्राधिकरण के अधीन है और सुरक्षित आवागमन संभव नहीं है। ईरान ने ट्रंप के दावे को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है। तस्नीम न्यूज़ के अनुसार, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा है कि उन्हें किसी भी समझौते की जानकारी नहीं है। यह स्पष्ट है कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई डील नहीं हुई है।