Newzfatafatlogo

ईरान ने अमेरिका के F-15E जेट और ड्रोन के मलबे की तस्वीरें जारी की, क्या है सच्चाई?

ईरान ने हाल ही में अमेरिका के F-15E स्ट्राइक ईगल और अन्य ड्रोन के मलबे की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्हें वह अपनी जीत के सबूत के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। इन तस्वीरों में विमान के विभिन्न हिस्से और इजरायली ड्रोन के अवशेष शामिल हैं। ईरान का यह कदम अमेरिका-ईरान टकराव में हुए नुकसान पर नई बहस को जन्म दे रहा है। जानें इस मामले में क्या है सच्चाई और अमेरिका की प्रतिक्रिया।
 | 

ईरान का नया सबूत: अमेरिकी विमानों का मलबा


नई दिल्ली: हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुई झड़प के संदर्भ में, ईरानी सरकारी मीडिया ने कुछ महत्वपूर्ण सबूत पेश किए हैं। ईरान ने अमेरिकी वायुसेना के F-15E स्ट्राइक ईगल सहित कई विमानों और ड्रोन के मलबे की तस्वीरें साझा की हैं। ये तस्वीरें ईरान द्वारा अपनी जीत और अमेरिका को हुए नुकसान के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत की जा रही हैं।


F-15E स्ट्राइक ईगल का मलबा सामने आया

जारी की गई तस्वीरों में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल का ऊपरी कवर और ACES-II इजेक्शन सीट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विमान पर लगे निशानों के आधार पर इसे विमान संख्या 00-3000 के रूप में पहचाना गया है।


रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान DUDE 44 कॉल साइन से संबंधित था और इसे अप्रैल की शुरुआत में ईरान के ऊपर गिराया गया था। दिलचस्प बात यह है कि यह F-15E 2023-24 की तैनाती के दौरान भी चर्चा में रहा था, जब इसने AIM-9X साइडवाइंडर मिसाइलों से कम से कम नौ ड्रोन को नष्ट किया था।


यह विमान ब्रिटेन के RAF लैकेनहीथ बेस पर तैनात 48वें लड़ाकू विमान दल का हिस्सा था। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत, लैकेनहीथ ने अपने आधे से अधिक सक्रिय जेट भेजे थे, जिनमें F-15E और F-35A लाइटनिंग II शामिल थे।


ड्रोन और इजरायली हार्मीस का मलबा भी प्रदर्शित

F-15E के अलावा, ईरान ने MQ-1 प्रीडेटर और MQ-9 रीपर ड्रोन के अवशेष भी प्रदर्शित किए हैं। MQ-1 के मलबे में अमेरिकी सेना का MQ-1C ग्रे ईगल संस्करण भी शामिल है। प्रदर्शनी को जमीन के नीचे बने कमरों में आयोजित किया गया है, जहां इजरायली हर्मीस ड्रोन का मलबा भी रखा गया है।


इसमें हर्मीस 900 का सीरियल नंबर 923 भी है, जिसे मार्च में हथियारों के साथ गिराया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शनी में C-130 विमानों के अवशेष भी हो सकते हैं, हालांकि तस्वीरों में उनकी पहचान तुरंत नहीं हो पाई है।


ईरान का पुराना तरीका: तकनीक का प्रदर्शन

ईरान ने पहले भी दुश्मन देशों की पकड़ी गई सैन्य तकनीक को सार्वजनिक किया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2011 में RQ-170 सेंटिनल ड्रोन है, जिसे ईरान ने दावा किया था कि उसने साइबर हमले से जमीन पर उतारा था और बाद में प्रदर्शित किया।


वर्तमान में, ईरान द्वारा जारी की गई इन तस्वीरों ने अमेरिका-ईरान टकराव में हुए नुकसान पर नई बहस को जन्म दिया है। अमेरिका की ओर से अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। फाइटर जेट के मलबे और ड्रोन के अवशेषों को दिखाकर, ईरान यह संदेश देना चाहता है कि उसने हवाई हमलों का प्रभावी जवाब दिया है।