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ईरान ने कोड 100 के तहत सेना को हाई अलर्ट पर किया, बढ़ा तनाव

ईरान ने अपने सबसे गंभीर मिलिट्री अलर्ट प्रोटोकॉल कोड 100 को सक्रिय कर दिया है, जिससे उसकी सेना उच्च सतर्कता पर है। यह निर्णय हाल ही में यमन से हूथी बलों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमले के बाद लिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में सुरक्षा चेतावनियां जारी की हैं। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और ईरान की सैन्य रणनीति के बारे में।
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ईरान का सैन्य अलर्ट और कोड 100

ईरान ने अपने सबसे गंभीर और प्रभावशाली मिलिट्री अलर्ट प्रोटोकॉल, जिसे कोड 100 कहा जाता है, को सक्रिय कर दिया है। इस आदेश के साथ, ईरान की संपूर्ण सेना उच्च सतर्कता पर है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), नियमित सेना 'अर्टेश', देश का पूरा एयर डिफेंस सिस्टम और आंतरिक सुरक्षा इकाइयां युद्ध मोड में तैनात की गई हैं। किसी भी समय बड़े सैन्य संघर्ष की संभावना जताई जा रही है, और इस निर्णय ने पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। यह अलर्ट हाल ही में हुई कई घटनाओं के बाद जारी किया गया, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यमन में ईरान-समर्थित हूथी बलों द्वारा सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर किया गया बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमला था। अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चेतावनियां जारी की हैं और अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी है कि वे अचानक तनाव बढ़ने, वाणिज्यिक उड़ानों के रद्द होने और संभावित हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी स्थितियों के लिए तैयार रहें। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी कैंप डेविड में अपने प्रवास को छोटा कर दिया और बिना पूर्व निर्धारित ब्रीफिंग के व्हाइट हाउस लौट आए। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने कोड 100 के सटीक अर्थ के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति किसी संभावित सैन्य टकराव की ओर इशारा करती है।


कोड 100 का महत्व

ईरानी सैन्य रणनीति में कोड 100 का अर्थ है आपातकालीन रक्षा तैयारियों का उच्चतम स्तर, जो युद्ध की स्थिति का संकेत देता है। इसे पश्चिमी देशों की भाषा में अमेरिका के DEFCON 1 के बराबर समझा जा सकता है। इसका मतलब है कि ईरान अब केवल दुश्मनों को डराने की मुद्रा में नहीं है, बल्कि उसका पूरा रक्षा तंत्र युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। जब 'कोड 100' लागू होता है, तो ईरान की दो-स्तरीय सैन्य व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण निर्देश अपने आप शुरू हो जाते हैं। ईरान के मिसाइल शहरों में स्थित मिसाइल साइलो और IRGC एयरोस्पेस फ़ोर्स द्वारा संचालित मोबाइल लॉन्चर यूनिट्स को दुश्मन के हवाई हमलों से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाता है।


ईरान की सैन्य नीति और सुरक्षा उपाय

ईरान की सैन्य नीति के अनुसार, अधिकतम अलर्ट पर "मोज़ेक डिफ़ेंस" प्रोटोकॉल लागू होते हैं। यदि तेहरान में सेंट्रल कमांड का संचार बाधित होता है, तो क्षेत्रीय IRGC कमांडरों को असममित ऑपरेशन करने का अधिकार दिया जाता है। नतांज़, फ़ोरदो और इस्फ़हान जैसी महत्वपूर्ण परमाणु स्थलों की सुरक्षा को उच्चतम स्तर पर रखा जाता है, और भारी GPS जैमिंग तथा हवाई निगरानी से निपटने के उपाय किए जाते हैं।


कोड 100 की स्थिति का कारण

इस स्थिति का मुख्य कारण यमन से हूथी बलों द्वारा किया गया बड़ा हमला हो सकता है, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और लंबी दूरी के ड्रोन दागे थे। सऊदी एयर डिफेंस फोर्स ने पुष्टि की है कि रियाद को निशाना बनाने वाले कई हमलों को पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मदद से सफलतापूर्वक रोका गया।