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ईरान ने नाटो देशों पर अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान का आरोप लगाया

ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ हुए सैन्य अभियानों को लेकर नाटो देशों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जिन देशों ने अमेरिका का समर्थन किया, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया हमले और लेबनान में इजराइली कार्रवाई के बीच तनाव बढ़ रहा है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
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ईरान का नाटो देशों पर आरोप


ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ हुए सैन्य अभियानों को लेकर नाटो सदस्य देशों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि जिन नाटो देशों ने अमेरिका का समर्थन किया, उन्हें इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि नाटो के प्रमुख मार्क रूटे ने स्वीकार किया है कि इटली और रोमानिया ने अमेरिका का साथ दिया। ईरान ने इन देशों से मांग की है कि वे दुनिया और अपने नागरिकों को बताएं कि उन्होंने इस सैन्य अभियान का समर्थन क्यों किया।


होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला

हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यावसायिक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। ब्रिटेन की UKMTO के अनुसार, ओमान के तट के पास जहाज के दाहिने हिस्से पर हमला हुआ, जिससे जहाज के ब्रिज कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। ईरान ने यूएन के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग बनाने की बात की गई थी। अमेरिका और ईरान के बीच इस मुद्दे पर तनाव बढ़ गया है।


अमेरिका का सैन्य खर्च और इजराइल के हमले

ईरान ने नियमों का पालन न करने वाले जहाजों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि अमेरिका ने कहा है कि किसी एक देश का इस जलमार्ग पर नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध संबंधी खर्च, सैन्य तैयारियों और हथियारों के भंडार के लिए अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की है। दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले जारी हैं, जिसमें नाबातियेह के पास एक कार पर हमले में तीन लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है।


लेबनान में तनाव और वार्ता

ईरान ने उन खबरों को गलत बताते हुए कहा कि सरकार ने अमेरिका मुर्दाबाद के नारे या अमेरिकी झंडा जलाने पर रोक लगा दी है। हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने अमेरिका-ईरान समझौते को अमेरिका और इजराइल की हार बताया है। उन्होंने लेबनान सरकार से अमेरिकी और इजराइली दबाव का विरोध करने और इजराइल से बिना शर्त लेबनान छोड़ने की मांग की।


अमेरिका की मध्यस्थता में वॉशिंगटन में इजराइल और लेबनान के बीच वार्ता का नया दौर शुरू हो रहा है, जिसमें संघर्ष समाप्त करने और दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की जा रही है। लेबनानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के मरकबा क्षेत्र में कई घरों को बुलडोजर से गिराया और कुछ इमारतों में आग लगा दी। पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और होर्मुज जलडमरूमध्य, लेबनान सीमा तथा अमेरिका-ईरान वार्ता पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।