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ईरान ने बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, लेकिन भारत का एलएनजी जहाज 'अल हामरा' सुरक्षित निकला

ईरान ने लेबनान पर इजरायल के हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का निर्णय लिया है। इस बीच, भारत का एलएनजी जहाज 'अल हामरा' सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग को पार कर गया है। यह जहाज अबू धाबी से 1,32,890 क्यूबिक मीटर एलएनजी लेकर आ रहा है, जो दक्षिण भारत के ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, तीन अन्य तेल टैंकर भी इस मार्ग को पार कर चुके हैं। जानें ईरान के कड़े रुख और अमेरिका-ईरान वार्ता के बारे में।
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ईरान ने बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, लेकिन भारत का एलएनजी जहाज 'अल हामरा' सुरक्षित निकला

ईरान का निर्णय और भारत की राहत


नई दिल्ली: इजरायल द्वारा लेबनान पर किए जा रहे हमलों के चलते ईरान ने शनिवार को महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का निर्णय लिया। इस घोषणा से पहले, भारत के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। भारत की ओर आ रहा प्रमुख एलएनजी जहाज 'अल हामरा' इस विवादित जलमार्ग को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहा है। अब भारत की ओर बढ़ने वाले जहाजों की संख्या चार हो गई है।


अल हामरा का महत्व

यह जहाज अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी से 1,32,890 क्यूबिक मीटर एलएनजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। केप्लर के सीनियर एनर्जी एनालिस्ट सुमित रितोलिया के अनुसार, सुरक्षा कारणों से इस जहाज ने संवेदनशील जलमार्ग में प्रवेश करने से पहले अपनी ट्रैकिंग बंद कर दी थी।


ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक आपूर्ति

यह जहाज तमिलनाडु के चेन्नई के निकट एन्नोर एलएनजी टर्मिनल पर पहुंच रहा है, जिसका संचालन इंडियन ऑयल एलएजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। दक्षिण भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वहां के फर्टिलाइजर एवं पावर प्लांटों के लिए यह आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अपनी आवश्यकताओं का 10 से 15 प्रतिशत एलएनजी अबू धाबी से प्राप्त करता है, जबकि कतर से 40-45 प्रतिशत।


अन्य तेल टैंकरों की स्थिति

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की कि 'अल हामरा' के अलावा भारत के ध्वज वाले तीन अन्य कच्चे तेल के टैंकर भी होर्मुज पार कर चुके हैं।


कुल क्रूड ऑयल: इन तीनों जहाजों में 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल लदा है।


भारतीय चालक दल: जहाजों पर कुल 94 भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं।


आगमन की संभावित तारीखें

देश वैभव: 24 जून को गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पहुंचेगा।


देश विभोर: 24 जून को ही गुजरात के सिक्का बंदरगाह पर लंगर डालेगा।


सनमार हेराल्ड: 1 जुलाई को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है।


ईरान का कड़ा रुख

ईरान के खातम-अल अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने सरकारी मीडिया के माध्यम से कहा कि होर्मुज को बंद करना दुश्मन द्वारा वादे तोड़े जाने का जवाब है। यदि हमले नहीं रुके तो आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे। तेहरान की इस सख्त घोषणा से पहले कुल 55 जहाजों ने इस मार्ग को पार किया था, जिनमें लगभग 17 मिलियन बैरल कच्चा तेल मौजूद था।


अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता

दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बैठक शुरू हुई है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद अध्यक्ष बाघेर गालिबफ कर रहे हैं। हालांकि फिलहाल बातचीत में थोड़ा ठहराव आया है, लेकिन बैकचैनल कूटनीति के जरिए दोनों पक्षों को फिर से मेज पर लाने के प्रयास जारी हैं।