ईरान ने 'शोले' के मीम से संयुक्त राष्ट्र पर उठाए सवाल
ईरान का अनोखा मीम
नई दिल्ली: एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है, इस कहावत को ईरान ने सोशल मीडिया पर सही साबित किया है। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाने के लिए एक मीम साझा किया है, जिसमें हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध फिल्म 'शोले' का संदर्भ लिया गया है।
मीम की विशेषता
दूतावास ने यह मीम X पर पोस्ट किया, जिसमें एक ओर मार्वल के डॉक्टर स्ट्रेंज की कई भुजाओं वाली छवि है, जिस पर लिखा है, "किताबों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र।" दूसरी ओर, 1975 की फिल्म 'शोले' के ठाकुर बलदेव सिंह की तस्वीर है, जिसमें लिखा है, "असल में संयुक्त राष्ट्र।" इस मीम का संदेश स्पष्ट है: ठाकुर के हाथ नहीं थे, और ईरान के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र भी इसी तरह बेबस है।
UN according to school books
— Iran in India (@Iran_in_India) September 29, 2026
UN in reality pic.twitter.com/GQ4gOG8fC0
संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल
शिक्षा में हमें बताया जाता है कि संयुक्त राष्ट्र वैश्विक संकटों को सुलझाने वाली एक शक्तिशाली संस्था है। लेकिन ईरान का कहना है कि जब वास्तविक संघर्ष सामने आते हैं, तो यह संस्था बेबस नजर आती है। हालांकि, दूतावास ने किसी विशेष प्रस्ताव या घटना का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन इसका इशारा संयुक्त राष्ट्र की संकटों में प्रभावी कदम उठाने की क्षमता की ओर है।
महत्वपूर्ण समय पर पोस्ट
यह मीम उस समय साझा किया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र बार-बार शांति की अपील कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिखता। सितंबर में न्यूयॉर्क में महासभा का 81वां सत्र भी हुआ, जहां विश्व नेताओं ने शांति और सुरक्षा पर चर्चा की, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
सोशल मीडिया पर मीम का प्रभाव
सोशल मीडिया पर मीम और पॉप कल्चर का उपयोग ईरान के लिए नया नहीं है। इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग (ISD) की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के आरंभ के बाद ईरानी राजनयिकों और सरकारी खातों की पोस्ट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले 50 दिनों में इन पोस्ट को लगभग 89.6 करोड़ व्यूज मिले, जबकि पिछले 50 दिनों में यह आंकड़ा केवल 5.5 करोड़ था। विभिन्न देशों के ईरानी मिशन अक्सर मिलकर ऐसे अभियानों का संचालन करते हैं। जब अमेरिका ने होर्मुज खोलने की मांग की, तब जिम्बाब्वे के ईरानी दूतावास ने मजाक में लिखा कि "हमने चाबियां खो दी हैं।" अन्य दूतावासों ने भी इसी मजाक को आगे बढ़ाया।
'शोले' भारत में एक लोकप्रिय फिल्म है और ठाकुर का किरदार सभी को याद है। इसी कारण यह मीम भारतीय दर्शकों तक आसानी से पहुंचता है। ईरान ने एक प्रसिद्ध दृश्य के माध्यम से अपनी नाराजगी को हल्के-फुल्के अंदाज में, लेकिन तीखे तरीके से व्यक्त किया है।
