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ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों की पुनरारंभ, तनाव बढ़ा

अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि तेहरान को कड़े जवाब का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए

गुरुवार को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए, जिससे कुछ समय के लिए रुकी सैन्य कार्रवाई फिर से सक्रिय हो गई। यह नया हमला उस कार्रवाई के बाद हुआ, जिसमें ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि सभी मिसाइलों को समय पर रोक दिया गया। CENTCOM ने बताया कि यह मिसाइलें ईरान की सीमा के भीतर से दागी गई थीं और इसे मध्य पूर्व में अमेरिकी संपत्तियों पर "अचानक हमले की कोशिश" के रूप में वर्णित किया। हालांकि, सैन्य अधिकारियों ने उस विशेष ठिकाने का नाम नहीं लिया, लेकिन 'एक्सियोस' जैसे अमेरिकी समाचार स्रोतों ने बताया कि यह हमला जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हुआ था।


ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिक्रिया

यह हमला तेहरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर किया गया पहला सीधा बैलिस्टिक मिसाइल हमला है। यह तब हुआ जब वॉशिंगटन ने ईरान के साथ बातचीत के लिए हवाई हमले रोक दिए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात बिगड़ने पर चेतावनी दी कि तेहरान को कड़े जवाब का सामना करना पड़ेगा। फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी आक्रामकता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि हम उनकी बुरी तरह पिटाई करेंगे और उन पर जोरदार हमला करेंगे।


संयुक्त हवाई हमले और ईरान समर्थित मिलिशिया पर कार्रवाई

ईरान में हमलों के साथ-साथ, अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने मंगलवार रात इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया गुटों पर संयुक्त हवाई हमले किए। पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज़ (PMF) ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है। CENTCOM ने पुष्टि की कि इस संयुक्त ऑपरेशन में पूर्वी इराक में लॉजिस्टिक्स डिपो और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी सैनिकों और सऊदी ऊर्जा ठिकानों के खिलाफ तीन दिनों में 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।


सऊदी अरब में ड्रोन हमलों की कोशिशें

यह संयुक्त सैन्य कार्रवाई तब हुई जब सऊदी अधिकारियों ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के पूर्वी प्रांत में स्थित तेल प्रतिष्ठानों की ओर भेजे गए कई ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। उन्होंने इन हमलों के लिए इराक में मौजूद ईरान-समर्थित सशस्त्र समूहों को जिम्मेदार ठहराया। अमेरिका के हमलों का यह नया दौर वाशिंगटन और तेहरान के बीच सीमा-पार तनाव में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत है, जबकि क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से अप्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत जारी है।


अमेरिकी हवाई अभियान का अस्थायी विराम

यह सैन्य कार्रवाई पिछले सप्ताह ईरान के खिलाफ अमेरिकी हवाई अभियान को अस्थायी रूप से रोकने के बाद हुई, जब अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि रणनीतिक स्थितियों का मूल्यांकन करने और राजनयिक संभावनाओं को परखने के लिए आक्रामक हवाई अभियानों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।